9 जून/बलिदान-दिवस बन्दा बैरागी का बलिदान

बन्दा बैरागी का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 को ग्राम तच्छल किला, पुंछ में श्री रामदेव के घर में हुआ। उनका बचपन का नाम लक्ष्मणदास था। युवावस्था में शिकार खेलते समय उन्होंने एक गर्भवती हिरणी पर तीर चला दिया। इससे उसके पेट से एक शिशु निकला और तड़पकर वहीं मर गया। यह देखकर उनका मन खिन्न … Read more

बराक उपत्यका में चाय उद्योग और चाय जनगोष्ठी का इतिहास- दिलीप कुमार

असम में चाय उद्योग के 200 वर्ष पूर्ति का कार्यक्रम असम सरकार करने जा रही हैं। असम में चाय के पौधे का खोज 1823 में हुआ किंतु चाय बागान 1835 में सदिया में शुरू हुआ। बराक घाटी में 24 साल बाद अर्थात 1855 में प्रयोगात्मक रूप से शिलचर के नजदीक वर्षांगन में चाय की खेती … Read more

” विश्व पर्यावरण दिवस ” ( आओ मनाएं हर दिन ” पर्यावरण दिवस ” )

जैसा कि हम सब जानते हैं विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। एक दिन ऐसा होना भी चाहिए कि हम सब हमारे अपने पर्यावरण की चिंता करें , पर्यावरण की सुरक्षा करें, बहुत सारे पेड़ लगाए …. और हम सब करते भी हैं। पेड़ लगाकर हम अपने पर्यावरण को  हरा … Read more

राष्ट्र-चिंतन 2024 में मोदी को वीरगति मिलेगी ? आचार्य विष्णु हरि सरस्वती

मैंने चार महीनें का समय लगाया और पूरे देश की राजनीतिक स्थिति तथा जनता के मन-मिजाज का अध्ययण किया। मेरी कसौटी पर देशभक्ति थी और जिहाद था तथा आत्म जनता की निजी व स्थानीय आंकाक्षाएं भी थी, नये वोटिंग समूह की सोच भी थी। कहीं न कहीं विरोध की भावनाएं निहित थी। विरोध की भावनाएं … Read more

अंतर्राष्ट्रीय तंबाकू विरोधी दिवस पर विशेष प्रस्तुति–

प्रिय मित्रों ! अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित,विकासशील एवं पिछडे तीनों ही वर्ग के देशों में अपने दुष्परिणाम के कारण- “मीठे जहर”के नाम से कुख्यात -“तम्बाकू”भयानक सर-दर्द बनता जा रहा है, आज विश्व की लगभग २५%जनसंख्या किसी न किसी रूप में इस दुर्व्यसन की अनचाही शिकार बनती जा रही है। कोरोना काल में इसके सेवनकर्ताओं को … Read more

अंतर्राष्ट्रीय तंबाकू विरोधी दिवस पर विशेष प्रस्तुति–

प्रिय मित्रों ! अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित,विकासशील एवं पिछडे तीनों ही वर्ग के देशों में अपने दुष्परिणाम के कारण- “मीठे जहर”के नाम से कुख्यात -“तम्बाकू”भयानक सर-दर्द बनता जा रहा है, आज विश्व की लगभग २५%जनसंख्या किसी न किसी रूप में इस दुर्व्यसन की अनचाही शिकार बनती जा रही है। कोरोना काल में इसके सेवनकर्ताओं को … Read more

एक ग़ज़ल

कहीं हमारी कहीं तुम्हारी,  विरोधियों ने कमी बता दी। हक़ीक़तों का बयान आना,  शुरू हुआ तो ज़ुबाँ दबा दी ।। दलील देने लगा खलीफा,  कि पंख तेरे नये नये हैं, भरी ज़रा सी उड़ान भर तो,  ज़मीन पर ही हवा खिला दी ।। भला बता दो किसे मिला है,  सुकून दौरे जहाँ में आके, सदा … Read more

सेग्नोर स्थापना के निहितार्थ—

विरोध और शत्रुता में अंतर होता है ! अत्यंत सूक्ष्म अंतर होता है ! यह विरोध अचानक कब विरोध की सीमा रेखा का उल्लंघन कर शत्रुता की हद को पार कर हिंसक हो जाता है,वैधानिकता को भुलाकर अमानवीय हो जाता है इसका आभास ही नहीं होता। दुर्भाग्य है आर्यावर्त के इस भू-भाग का कि विरोध … Read more

नव-निर्मित संविधान-मन्दिर का बहिष्कार– 

प्रिय मित्रों ! दिल्ली में गौ हत्या प्रतिबंधित करने हेतु महात्माओं द्वारा किये जा रहे शांति पूर्ण प्रदर्शन पर गोलियां चलवाकर सैकडों की संख्या में निरीह हिन्दुओं की हत्या करने वाली कांग्रेस को लोकतंत्र की याद क्यूँ नहीं आयी ? आपातकाल में अपने द्वारा समूचे भारत वर्ष पर हुवे अमानवीय अत्याचार और लोकतंत्र के मूल्यों … Read more

प्राचीन काल में ऋषि मुनियों ने क्या किया? यह भी जानिए!!

5000 साल पहले ब्राह्मणों ने हमारा बहुत शोषण किया ब्राह्मणों ने हमें पढ़ने से रोका। यह बात बताने वाले महान इतिहासकार यह नहीं बताते कि,100 साल पहले अंग्रेजो ने हमारे साथ क्या किया। 500 साल पहले मुगल बादशाहों ने क्या किया।।  हमारे देश में शिक्षा नहीं थी लेकिन 1897 में शिवकर बापूजी तलपडे ने हवाई … Read more