गोरी आबादी सलवान को हीरो क्यों बना रही है? कुरान जलाना अस्वीकार लेकिन जवाबी हिंसा भी स्वीकार नहीं       आचार्य विष्णु हरि सरस्वती

सलवान मोमिका कोई मनोरोगी नहीं है, कोई हिंसक नहीं है, कोई नास्तिक नहीं है, कोई वाद से ग्रसित नहीं है, कोई मोहरा नहीं है, कोई घृणा से भरा हुआ व्यक्तित्व नहीं है। फिर सलवान मोमिन है क्या? उसकी ख्याति इतनी बढी हुई क्यों, उसके पीछे पूरी मुस्लिम दुनिया क्यों पड़ी हुई है, क्या वह स्वयं … Read more

प्रेरक कहानी

तस्वीर दिल्ली के एक साधारण टैक्सी चालक देवेन्द्र की है. देवेन्द्र मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। एक दिन देबेन्द्र की टैक्सी में कश्मीर का निवासी बैठा जिसे एयरपोर्ट से पहाड़गंज तक जाना था। देवेन्द्र ने उसको पहाड़गंज छोड़ा, अपना किराया वसूला और वापिस टैक्सी स्टैंड की ओर चल पड़े। इसी बीच उनकी नज़र गाड़ी … Read more

टमाटर की कालाबाजारी व मुनाफाखोरों पर लगाम की जरूरत!

मानसून के बीच हाल ही में टमाटर की कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है और टमाटर बाजार में सौ से डेढ़ सौ रूपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। पहाड़ी व दूर-दराज के क्षेत्रों में तो इसकी कीमतें और भी अधिक देखने को मिल रही हैं। वास्तव में,पूरे भारत में … Read more

प्रेरक कहानी, बदनसीब बेटी और पिता

लड़कियों के एक विद्यालय में आई नई अध्यापिका बहुत खूबसूरत थी, बस उम्र थोड़ी अधिक हो रही थी लेकिन उसने अभी तक शादी नहीं की थी… सभी छात्राएं उसे देखकर तरह तरह के अनुमान लगाया करती थीं। एक दिन किसी कार्यक्रम के दौरान जब छात्राएं उसके इर्द-गिर्द खड़ी थीं तो एक छात्रा ने बातों बातों … Read more

समान नागरिक संहिता देर से लिया हुआ संवैधानिक निर्णय

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी क्षमता के इतर इतने बड़े तीन आत्मघाती घोषणा की जिसको पूरा करना कोई खेल नहीं था 34 साल तक तो पार्टी संघर्ष ही करती रही। 9 साल में दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार सरकार बनाई जो एक प्रयोग ही कहा जायेगा। तेरह दिन तेरह महीने तथा अंतिम चरण में … Read more

मादक पदार्थ अर्थात अनैतिक राष्ट्र की निर्माण सामग्री—“आनंद शास्त्री”

परमादरणीय मित्रों ! दिनांक २६ जून अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों के सेवन एवं अवैध तस्करी के  विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने की परम्परा रही है। आज भारत के सभी सीमावर्ती क्षेत्रों से गौवंश,मानव,मादक, द्रव्यों,हथियारों के साथ-साथ नकली मुद्रा की तश्करी हमारी सामाजिक,आर्थिक,शैक्षिक, राजनैतिक एवं सुरक्षा जैसे अति संवेदनशील विषयों हेतु दिन प्रतिदिन … Read more

कुपोषण मिटाने के लिए खाद्य सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत

कुपोषण आज संपूर्ण विश्व के लिए एक बड़ी समस्या है। आज कुपोषण बच्चों में रूग्णता और मृत्यु का एक बड़ा कारण है। कुपोषण के कारण हमारे शरीर में स्वस्थ ऊतकों और अंगों के कार्यकरण हेतु आवश्यक विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और इससे हम बीमार पड़ते हैं और बहुत … Read more

प्रगाढ़ होते भारत-अमेरिका के संबंध !

हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा की है। यह यात्रा दर्शाती है कि अमेरिका और भारत के रिश्ते लगातार मजबूत व अत्यंत सुदृढ़ होते चले जा रहे हैं और यह विश्व के लिए संकेत है कि आज भारत एक अत्यंत शक्तिशाली, मजबूत और अत्यंत सुदृढ़ विकासशील … Read more

वे दिन भी क्या दिन थे!!!

वे दिन भी क्या दिन थे!!! कभी नेनुँआ टाटी पे चढ़ के रसोई के दो महीने का इंतज़ाम कर देता था! कभी खपरैल की छत पे चढ़ी लौकी महीना भर निकाल देती थी;कभी बैसाख में दाल और भतुआ से बनाई सूखी कोहड़ौरी,सावन भादो की सब्जी का खर्चा निकाल देती थी‌! वो दिन थे,जब सब्जी पे … Read more

स्वामी सहजानन्द सरस्वती –किसान आंदोलन के जनक  @ गोपाल जी राय

# जिनका तपा तपाया जीवन ही किसी जगत-सन्देश से कम नहीं है। स्वामी जी का जन्म उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले के देवा गांव में वर्ष 1889 में महाशिवरात्रि के दिन हुआ था। चूंकि बचपन में ही उनकी माताजी का स्वर्गवास हो गया था, इसलिए पढ़ाई के दौरान ही उनका मन आध्यात्म में रमने लगा। फिर … Read more