महाराजा पृथ्वीराज चौहान के वंशज-“नोनिया” अंक-(२)
मित्रों ! अपने शरीर की वृद्धावस्था के कारण अंतःकरण से उठती अपनी साहित्यिक भावना को लेखनी से उकेरने का प्रयास धीरे-धीरे क्षीण होता जा रहा है, चाह कर भी कभी-कभी लिखना कष्टदायक सा लगता है ! लूणकार समाज के प्रति उनकी ऐतिहासिकता आपके समक्ष रखते गर्व का अनुभव करता हूँ। महाराजा सोमेश्वर द्वारा स्थापित अखण्ड … Read more