राशिफल: 04 सितम्बर, 2023

मेष : सुबह-सुबह की महत्वपूर्ण सिद्धि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। अल्प-परिश्रम से ही लाभ होगा। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। घरेलू बहुमूल्य वस्तुओं के क्रय का योग है। शुभांक-3-5-7 वृष : परामर्श व परिस्थिति सभी का सहयोग मिलेगा। … Read more

जुगाड़ से नहीं हारेगा मोदी आचार्य विष्णु हरि

इंडिया गठबंधन की वर्तमान पहचान नेता विहीन, कार्यक्रम विहीन, और दंतविहीन की है। न कोई नेता है, न कोई नीति है, एक जुटता भी बनावटी है। सिर्फ खुशफहमियां हैं। राजनीतिक शोर के बल पर सत्ता प्राप्ति का सपना देखा जा रहा है। हिन्दू विरोध की आत्मघाती राजनीति इनकी बंद नहीं हो रही है। तानाशाही का … Read more

उसके शहर का यही रिवाज़……..

सारे सहरा अपने हिस्से में रखकर समंदर सभी, उसमें उड़ेल दिए मैंने मेरी चाह उसकी हंसी उसकी तलाश जाने क्या ? क्या करें, अपनी अपनी अपनी तिशनगी का मिजाज़ है ! जहां गया नहीं मुसाफिर कोई उस आखिरी छोर तक भी गया मैं हर घड़ी, हर किसी, हर कहीं वो उस दौर तक भी गया … Read more

जानिए सूर्यपुत्र कर्ण कैसे बना दानवीर कर्ण – डा.बी. के. मल्लिक

महाभारत की  लड़ाई में कर्ण को एक महान योद्धा के रूप में जाना जाता है। कर्ण एक ऐसा योद्धा था जिसने सत्य को जानते हुए भी अपने दोस्त दुर्योधन को कभी नहीं छोड़ा। वास्तविकता यह है कि उसने महापराक्रमी होते हुए भी गलत का साथ दिया जिसके वजह से उसकी उचित सम्मान नहीं मिला। कर्ण … Read more

मैतेई बनाम कुकी: मूलनिवासी कौन, क्या यह है मणिपुर का बड़ा मसला?

मणिपुर और पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों के ST में क्या अंतर है? इनर लाइन परमिट पर अमित शाह ने क्या कहा था? क्या मैतेई लोगों में धर्म-संस्कृति पर जोर बढ़ा है? क्या कुकी को एसटी स्टेटस देना गलती थी? संजीब बरुआ का आलेख : मणिपुर में हालात नाजुक बने हुए हैं। वहां के सभी कुकी … Read more

“लुप्त होती मानवता”

सभ्यता हुई थी विकसित मानव को बुद्धि आने से, इसलिए मानव हुआ श्रेष्ठ पशु से अंतर दिखलाने में। मानव को हुआ ज्ञान बोध आदर्श समाज का निर्माण हुआ, मगर आजके सभ्य जीवन मे मानव फिर से अज्ञान हुआ। व्यक्तिगत लाभहानी के चलते अपना मानवता भूल गया, आधुनिकता के चकाचौंध में समाज निर्माता समाजिकता भूल गया। … Read more

स्वाधीनता संग्राम में नोनिया समाज की भूमिका

नोनिया समाज के लोगों ने वर्ष 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ नमक सत्याग्रह आंदोलन में भाग लेकर न केवल लाखों की संख्या में अंग्रेजों के दमन का शिकार बने, बल्कि उनके पैतृक पेशा नमक बनाना भी बर्बाद हो गया। नोनिया समाज ने मिट्टी से नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा था … Read more

3 सितंबर को होजाई में आयोजित नोनिया समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन पर विशेष

नोनिया समाज का इतिहास कल्पना कीजिए की नमक की खोज नही हुई होती तो क्या होता। नमक ना सिर्फ आपके खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि वह आपकी जिंदगी में खुशियों को घोलने की शक्ति रखता है। आपको स्वस्थ रखने, आपकी उन्नति और समृद्धि में नमक काफी सहायक होता है। काले नमक का टुकड़ा और … Read more