खाने में सरसों के तेल से बेहतर कुछ भी नहीं — डॉ. मनोज मुरारका

– तेलों में हानिकारक केमिकलों के इस्तेमाल के कारण कैंसर, डायबिटीज, हार्ट और किडनी की बीमारी होने का खतरा रहता है। कुल मिलाकर खाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। इसमें भी पीली सरसों का तेल खरीदेंगे तो सोने पर सुहागा होगा। यह आपके स्वास्थ्य के लिए सही है और … Read more

वर्ष 2024 में चार ग्रहण होंगे, एक में भी नहीं लगेगा सूतक

जयपुर, 14 दिसंबर । वर्ष-2024 आने वाला है और पूरे साल में चार ग्रहण होंगे। इनमें से दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होंगे। 2024 का पहला चंद्र ग्रहण 25 मार्च को और दूसरा चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को लगेगा। इसके अलावा पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल और दूसरा सूर्यग्रहण 2 अक्टूबर को होगा। विशेष … Read more

जागरूकता से ही रूक सकते हैं महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध। सुनील कुमार महला

देश में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराध गंभीर चिंता का विषय हैं। महिला अपराधों की यहां अगर हम बात करें तो महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में बलात्कार, हत्या के साथ बलात्कार, दहेज, तेजाब हमले, आत्महत्या के लिए उकसाना, अपहरण, जबरन शादी, मानव तस्करी, आनलाइन उत्पीड़न जैसे अपराध शामिल किए जा सकते हैं। एनसीआरबी की एक … Read more

अलविदा बिटिया — मदन सुमित्रा सिंघल

नारायणचंद नामक चौकीदार बिमारियों एवं गरीबी से जुलता  अब सिर्फ बाट जो रहा था कि सारी संपत्ति बचत एवं भविष्य निधि का पैसा छहों बेटियों को पढाने लिखाने एवं अपने पैरों पर खङा करने में खर्च कर दिया। लगातार अतिरिक्त आमदनी के लिए सप्ताह भर चोबीस घंटे ड्यूटी करने के साथ साथ अपनी हेसियत के … Read more

चोरी ओर सेवा — मदन सुमित्रा सिंघल

कृपा नगर में भंडारा स्वामी के नाम से मशहूर हरसुख साधारण दुकानदार था वो शहर में धार्मिक अनुष्ठान करने तथा बङे बङे धनाड्य लोगों के नाम से भंडारा लगाते थे। केदारनाथ का बहुत बङा कारोबार था इसलिए उन्हें किसी के यहाँ जन्म मृत्यु एवं शादी में जाने की फुर्सत नहीं तो कभी जरूरत भी नहीं … Read more

भारतीय भाषाओं के अग्रदूत : महाकवि सुब्रमण्यम भारती — डॉ.आलोक सिंह

चिन्नास्वामी सुब्रमण्यम भारती एक सुप्रसिद्ध भारतीय लेखक, कवि और पत्रकार, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और तमिलनाडु के समाज सुधारक थे। सुब्रमण्यम भारती, एक क्रांतिकारी देशभक्त कवि, तमिलनाडु से उस समय उभरे जब इतिहास को विकृत करके भारत को आर्यों और द्रविड़ों में विभाजित करने के गुप्त प्रयास हो रहे थे। 18वीं सदी की दूसरी तिमाही से … Read more

अनुच्छेद 370: विवाद से विश्वास तक —सूर्य प्रकाश अग्रहरि

आलेख- सूर्य प्रकाश अग्रहरि (लेखक महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, आज़मगढ़ में अतिथि प्रवक्ता हैं) 17 अक्तूबर, 1949 को अनुच्‍छेद 370 भारतीय संव‍िधान का ह‍िस्‍सा बना तथा इसे एक ‘अस्थायी प्रावधान’ के रूप में जोड़ा गया था, जिसने जम्मू-कश्मीर को छूट दी थी, ताकि वह अपने संविधान का मसौदा तैयार कर सके और राज्य में भारतीय … Read more

धम्मपद्द यमकवग्गो~सूत्र -७ अंक~७ — आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में यमकवग्गो के सातवें पद्द का पुष्पानुवाद भगवान श्रीतथागत के श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ— “शुभानुपस्सिं विहरन्तं इन्द्रियेसु असंवुतं। भोजनम्हि अमत्तञ्ञुं कुसीतं।हीनवीरियं। तं वे पसहति मारो वातो रूक्खं व दुब्बलं।।७।।” और इसे संस्कृत में कहते हैं … Read more

धम्मपद्द यमकवग्गो~ सूत्र -६ अंक~६………. आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में यमकवग्गो के सातवें पद्द का पुष्पानुवाद भगवान श्रीतथागत के श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ— और इसे संस्कृत में कहते हैं कि– “परे च न विजानन्ति मयमेत्थ यमामसे। ये च तत्थ विजानन्ति ततो सम्मन्ति मेधगा।।६।।” और … Read more

धम्मपद्द यमकवग्गो~पंचम सूत्र -पंचम अंक—– आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में यमकवग्गो के पंचम पद्द का पुष्पानुवाद भगवान श्रीतथागत के श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ— “नहि वेरेन वेरानि सम्मन्तीध कुदाचनं। अवेरेन चसम्मन्ति एस धम्मो सनातनो।।५।।” और इसे संस्कृत में कहते हैं कि– नहि वैरेण वैराणि शाम्यन्तीह … Read more