इंसान परेशान बहुत हैं 

*अच्छी थी, पगडंडी अपनी।* *सड़कों पर तो, जाम बहुत है।।* *फुर्र हो गई फुर्सत, अब तो।* *सबके पास, काम बहुत है।।* *नहीं जरूरत, बूढ़ों की अब।* *हर बच्चा, बुद्धिमान बहुत है।।* *उजड़ गए, सब बाग बगीचे।* *दो गमलों में, शान बहुत है।।* *मट्ठा, दही, नहीं खाते हैं।* *कहते हैं, ज़ुकाम बहुत है।।* *पीते हैं, जब … Read more

मुंशी प्रेमचंद की कहानी जिहाद सामने लाती है हिंदुओं का दर्द

इस कहानी में मुंशी जी ने बहुत कम शब्दों में ही बहुत कुछ बता दिया है। जरूर पढ़ें… बहुत पुरानी बात है। हिंदुओं का एक काफ़िला अपने धर्म की रक्षा के लिए पश्चिमोत्तर के पर्वत-प्रदेश से भागा चला आ रहा था। मुद्दतों से उस प्रांत में हिंदू और मुसलमान साथ-साथ रहते चले आये थे। धार्मिक … Read more

जानिए, कैसे भारतीय रुपया को सबसे अस्थिर मुद्राओं से सबसे स्थिर मुद्राओं में शुमार किया जाने लगा

नई दिल्ली, 29 जून । भारतीय मुद्रा रुपया एक दशक पहले तक एशिया की सबसे अस्थिर मुद्राओं में शुमार किया जाता था। लेकिन, अब रुपया को सबसे स्थिर मुद्राओं में शुमार किया जाने लगा है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। ये भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, प्रभावी नीतिगत सुधार और विदेशी मुद्रा भंडार के रणनीतिक … Read more

आखिर क्यों चुप्पी साध गई पक्षियों की चहचाहट?– डॉ. सत्यवान सौरभ

पक्षियों को पर्यावरण की स्थिति के सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक माना जाता है। क्योंकि वे आवास परिवर्तन के प्रति संवेदनशील हैं और पक्षी पारिस्थितिकीविद् के पसंदीदा उपकरण हैं। पक्षियों की आबादी में परिवर्तन अक्सर पर्यावरणीय समस्याओं का पहला संकेत होता है। चाहे कृषि उत्पादन, वन्य जीवन, पानी या पर्यटन के लिए पारिस्थितिक तंत्र … Read more

वर्ष 2030 तक होगी साठ फीसदी आबादी अस्वस्थ (लैंसेट ग्लोबल हेल्थ रिपोर्ट)– सुनील कुमार महला

हाल ही में शारीरिक गतिविधियों के संबंध में लैंसेट ग्लोबल हेल्थ रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के तथ्य अत्यंत चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट में भारतीय व्यस्कों के स्वास्थ्य की स्थिति को चिंताजनक बताया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय वयस्कों में अपर्याप्त शारीरिक गतिविधियों का प्रतिशत वर्ष 2000 के 22.3 से बढक़र वर्ष 2022 … Read more

शीर्षक -: समझदार प्रधान से संघ ,संगठन ,संस्था स्थापित करते कीर्तिमान–सुषमा पारख

मुखिया !मुखिया शब्द मुख्यतः प्रभुख व्यक्ति के लिये प्रयोग में लिया जाता हैं ,वो व्यक्ति जिसके हाथ में परिवार ,संघ,संगठन या संस्था की बागडोर रहती हैं वहाँ मुखिया को अधिकार होता हैं की वो अपने विवेक से नीति नियम और कर्तव्य अधिकार का निर्धारण करे जो सबके हित में हो ,अब इस अधिकार का ईमानदारी … Read more

इतिहास के पन्नों में 29 जूनः कोई नहीं भूल सकता पीसी महालनोबिस को

देश-दुनिया के इतिहास में 29 जून की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है।यह तारीख सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति तैयार करने में सांख्यिकी के महत्व के बारे में जन जागरुकता पैदा करने के वास्ते बेहद खास है। भारत में प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का … Read more

पहले रूस नहीं , मणिपुर जाना चाहिए प्रधानमंत्री को ! — अशोक भाटिया

हाल ही में अख़बारों में छपे समाचारों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने रूस का दौरा कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक उनकी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक होनी है। रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद ऐसा पहली बार होगा कि प्रधानमंत्री  मोदी रूस जाएंगे। लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक कार्यकाल हासिल करने के बाद … Read more

जामुन की लकड़ी के कितने उपयोग?

?अगर जामुन की मोटी लकड़ी का टुकडा पानी की टंकी में रख दे तो टंकी में शैवाल, हरी काई नहीं जमेगी और पानी सड़ेगा भी नहीं। ?जामुन की इस खुबी के कारण इसका इस्तेमाल नाव बनाने में बड़ा पैमाने पर होता है। ?पहले के जमाने में गांवो में जब कुंए की खुदाई होती तो उसके … Read more

राष्ट्रपति के बारे में प्रेरक कहानी

कलेक्टर मैडम, आप ‘मेकअप’ क्यों नहीं करती…?_  read till end मलप्पुरम की जिला कलेक्टर सुश्री रानी सोयामोई… कॉलेज के छात्रों से बातचीत करती हैं। उन्होंने कलाई घड़ी के अलावा कोई आभूषण नहीं पहना था। सबसे ज्यादा छात्रों को आश्चर्य हुआ कि उन्होंने ‘फेस पाउडर’ का भी इस्तेमाल नहीं किया। भाषण अंग्रेजी में था। उन्होंने केवल … Read more