अनमोल उपहार

आंखो में आंसु आ गए पढ़ कर एक दिन एक बुजुर्ग डाकिये ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक देते हुए कहा…”चिट्ठी ले लीजिये।” आवाज़ सुनते ही तुरंत अंदर से एक लड़की की आवाज गूंजी…” अभी आ रही हूँ…ठहरो।” लेकिन लगभग पांच मिनट तक जब कोई न आया तब डाकिये ने फिर कहा..”अरे भाई! कोई … Read more

21 अगस्त/पुण्यतिथि  सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर भारतीय-अमेरिकी भौतिकविज्ञानी

डॉ॰ सुब्रह्मण्याम चंद्रशेखर का जन्म 19 अक्टूबर 1910 को लाहौर (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा मद्रास में हुई। 18 वर्ष की आयु में चंद्रशेखर का पहला शोध पत्र `इंडियन जर्नल ऑफ फिजिक्स’ में प्रकाशित हुआ। मद्रास के प्रेसीडेंसी कॉलेज से स्नातक की उपाधि लेने तक उनके कई शोध पत्र प्रकाशित हो … Read more

सामाजिक समरसता से बनेगा सशक्त भारत – प्रो.संजय द्विवेदी

       समता, ममता और समरसता हमारे भारतीय लोकजीवन का अभिन्न अंग है। हम जिस देश में रहते हैं उसके ऋषि कहते हैं- ‘सर्वभूतहिते रताः।’ प्रकृति से साथ हमारा संवाद बहुत पुराना है। इसलिए हमने अपनी समूची सृष्टि को स्वीकारा। किसी को विरोधी नहीं माना। पेड़,पहाड़, नदियां, समुद्र, वनस्पतियां, जलचर,नभचर, जीव-जंतु, मनुष्य सबमें ईश्वर … Read more

भारत के पिरामिड : मैदाम –डॉ. साँवरमल सांगानेरिया

जनवरी महीने की आधी रात। ठण्डी हवा के झकोरों से बढ़ती ठिठुरन। कोट, टोपी, मफलर, शॉल में जकड़े लोग-बाग। होजाई के खुले प्लेटफॉर्म पर गाड़ी का सबको इन्तजार। मैं सुबह ही शताब्दी एक्सप्रेस से किशोरकुमार जैन के साथ होजाई में आयोजित “असम साहित्य सभा” के अधिवेशन में भाग लेने आया था। दिनभर की बात थी। … Read more

एक  महान गुमनाम 1857 के स्वतंत्रता सेनानी –रणजीत सिंह अहीर

        रणजीत सिंह अहीर  का जन्म 1802 में तत्कालीन शाहाबाद ,  बिहिया परगना   के  शाहपुर गांव में  हुआ था।इनके पिता जी नाम शिव परसन अहीर था। ये साढ़े छः फीट के गठीला बदन के  शख्स थे।       1857 स्वतंत्रता  संग्राम में जगदीशपुर शाहाबाद के  कुंवर सिंह के फौज में  रणजीत … Read more

रक्षाबंधन पर मार्मिक कहानी  भाई बहन का प्यार

ये कहानी लक्ष्मीकांत पांडेय जी की हैं…. और जब मैंने पढ़ा तो मेरी आंखों में से आंसू नहीं रुक रहे थे… आशा करती हूं आप सभी को पसंद आएगी… ये कोई कहानी नही बल्कि आँखों देखी सच्ची घटना है….!! मेरी छोटी बुआ….!!!! रक्षाबंधन का त्यौहार पास आते ही मुझे सबसे ज्यादा जमशेदपुर (झारखण्ड )वाली बुआ … Read more

राखी की थाली– (नयन कुमार राठी- विभूति फीचर्स)

रिंकी बिल्ली अपने घर के आगे राखी की थाली सजाकर बैठी है। वनवासी उसके सामने से निकलकर जा रहे हैं। अधिकतर कलाइयां राखियों से सजी हैं। उसे इस तरह बैठे देख सभी मुस्कुराते हुए जा रहे हैं। पर थाली सजाने का कारण कोई नहीं पूछ रहा है। हर बरस रिंकी इसी तरह रक्षाबंधन के दिन … Read more

इतिहास के पन्नों में 19 अगस्तः जब पहली बार जारी हुआ था 1 रुपये का सिक्का

भारत में सिक्के के रूप में पहली बार 19 अगस्त, 1757 को एक रुपए की मुद्रा जारी की गई। एक रुपए मूल्य का यह सिक्का ईस्ट इंडिया कंपनी ने जारी किया था। जिसकी ढलाई कलकत्ता के टकसाल में हुई थी। दरअसल उसी समय प्लासी का युद्ध खत्म हुआ था और ईस्ट इंडिया कंपनी के जरिये … Read more

राखी बनाम वचन पर्व

थाल सजाकर बहन कह रही,आज बँधालो राखी। इस राखी में छुपी हुई  है, अरमानों की  साखी।। चंदन रोरी अक्षत मिसरी, आकुल कच्चे-धागे। अगर नहीं आए तो  समझो, हम हैं बहुत अभागे।। क्या सरहद से एक दिवस की,छुट्टी ना मिल पायी? अथवा कोई और वजह है, मुझे बता दो भाई ? अब आँखों को चैन नहीं … Read more

हे कर्णावती! मत भेजना हुमायूँ को राखी– डॉ अवधेश कुमार

सावन के महीने में शुक्लपक्ष की पूर्णिमा के दिन राखी का त्यौहार न सिर्फ भारत बल्कि कई अन्य देशों में भी धूमधाम से मनाया जाता है। रक्षा बंधन का यह पर्व सिर्फ भाई – बहन तक सीमित न होकर गुरु – शिष्य, पिता – पुत्री, वरिष्ठ – कनिष्ठ, मामी – भांजा, मनुष्य – वृक्ष आदि … Read more