हिंदी : राजभाषा, राष्ट्रभाषा और विश्वभाषा– प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी

एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है, बल्कि हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति और संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। बहुत सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है, जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बहुत … Read more

शिवसागर के सबक– प्रमोद तिवाड़ी

गत 13 अगस्त को ऊपरी असम के शिवसागर में घटी घटना के बाद राज्य का मारवाड़ी समाज सदमे में है. इस घटना के बाद राज्य के मूल निवासियों के संगठनों के दबाव में आकर शिवसागर के मारवाड़ियों को घुटनों पर बैठकर क्षमा याचना करनी पड़ी थी. मूल निवासियों के कुछ संगठनों का कहना था कि … Read more

हीनयानः तु बोधस्य बोध भाषा विलुप्यते– आनंद शास्त्री

– सम्माननीय मित्रों ! प्रागैतिहासिक तथ्यों के आधार पर हिन्द महासागर से सुदूर देश और सभ्यताओं में जनवरी और फरवरी के मास नहीं थे ! उनमें अधिकांशतः ने भचक्र के अनुसार ! अवकहणा चक्रानुसार ! द्वादश राशियों की सूर्य संक्रांति अनुसार ! भारतीय वाङ्गमय के विद्वानों से परामर्श किया ! एवं आकाश अर्थात अम्बर के … Read more

13 सितम्बर/बलिदान-दिवस अनशनव्रती : यतीन्द्रनाथ दास

यतीन्द्रनाथ दास का जन्म 27 अक्तूबर, 1904 को कोलकाता में हुआ था। 16 वर्ष की अवस्था में ही वे असहयोग आंदोलन में दो बार जेल गये थे। इसके बाद वे क्रांतिकारी दल में शामिल हो गये। शचीन्द्रनाथ सान्याल से उन्होंने बम बनाना सीखा। 1928 में वे फिर पकड़ लियेे गये। वहां जेल अधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार … Read more

असंख्य रोज़गार हैं हिन्दी में डॉ.सूर्यबोस,श्रीरागम

  भारत एक महान एवं विशाल देश है |इसमें अनेक राज्य है |विभिन्न राज्यों की विभिन्न भाषाएँ हैं ; किन्तु जो भाषा सम्पूर्ण राष्ट्र को एक स्नेह सूत्र में बांधती है वह हिंदी ही है| फादर कामिल बुल्के ने हिंदी भाषा को लेकर कहा था कि –“ संसार की कोई भी भाषा ऐसी नहीं है … Read more

यह प्रेम के देश की राह नहीं

इन आँखों ने देखी न राह कहीं इन्हें धो गया नेह का नीर नहीं, करती मिट जाने की साध कभी, इन प्राणों को मूक अधीर नहीं, अलि छोड़ो न जीवन की तरणी, उस सागर में जहाँ तीर नहीं! कभी देखा नहीं वह देश जहाँ, प्रिय से कम मादक पीर नहीं! जिसको मरुभूमि समुद्र हुआ उस … Read more

नहीं हलाहल शेष

नहीं हलाहल शेष, तरल ज्वाला से अब प्याला भरती हूँ विष तो मैंने पिया, सभी को व्यापी नीलकंठता मेरी; घेरे नीला ज्वार गगन को बाँधे भू को छाँह अँधेरी; सपने जमकर आज हो गए चलती-फिरती नील शिलाएँ, आज अमरता के पथ को मैं जलकर उजियाला करती हूँ। हिम से सीझा है यह दीपक आँसू से … Read more

हिन्दी का श्रृंगार करें

हिन्दी दिवस पर्व हमारा हिन्दी का गुणगान करें, हिन्दी से ही है सब कुछ इसकी सुगंध का ज्ञान करें।। हिन्दी हमारी मातृभाषा है हिन्दी को जीवन में भरें, हिन्दी से ही है भारतीयता स्वर चेतना का श्रृंगार करें।। जिसमें रचा संविधान हमारा उस हिन्दी का पहचान करें, जिसमें विज्ञान का चमत्कार भरा उस शीर्ष सिन्ध … Read more

12 सितंबर / सारागढ़ी युद्ध

21 सिखों ने अफगान योद्धाओं से लिया लोहा, 7 घंटे तक चला युद्ध इस युद्ध को इतिहास में सिख सैनिकों की वीरता और महान अंत के लिए जाना जाता हैं। सारागढ़ी के युद्ध का नाम विश्‍व के 5 महान युद्धों में गिना जाता है। यह युद्ध 12 सितम्बर 1897 को ब्रिटिश भारतीय सेना (जो सिख … Read more

11 सितम्बर/जन्म-दिवस रामभक्त जिलाधीश के.के.नायर 

अयोध्या स्थित श्रीरामजन्मभूमि प्रकरण को निष्कर्ष तक पहुंचाने में जिन महानुभावों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही, उनमें अयोध्या के जिलाधीश श्री के.के. (कान्दनगलाथिल करुणाकरण) नायर का नाम बहुत आदर से लिया जाता है। उनका जन्म 11 सितम्बर, 1907 को केरल के अलपुझा जिले के कुट्टनाद गांव में हुआ था। मद्रास वि.वि. तथा अलीगढ़ (उ.प्र) के … Read more