भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र-१६– आनंद शास्त्री
प्रिय मित्रों ! मैं पुनःआप सबकी सेवामें देवर्षि नारद कृत भक्ति-सूत्र का सोलहवां सूत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ-आप सबके ह्यदय में स्थित मेरे प्रिय श्री कृष्ण जी के चरणों में इसके इस सूत्र-पुष्प को चढा रहा हूँ,यहाँ कहते हैं कि- “पूजादिष्वनुराग इति पाराशर्य:।।१६।।” पूजा आदि में अनुराग भक्ति है, ऐसा पाराशर (वेद व्यास जी) कहते हैं ।। इस सूत्र की ब्याख्या से कुछ मान्यताऐं क्षुब्ध हो … Read more