10 जून/विजय-दिवस पराक्रमी राजा सुहेलदेव

मुस्लिम आक्रमणकारी सालार मसूद को बहराइच (उत्तर प्रदेश) में उसकी एक लाख बीस हजार सेना सहित जहन्नुम पहुंचाने वाले राजा सुहेलदेव का जन्म श्रावस्ती के राजा त्रिलोकचंद के वंशज पासी मंगलध्वज (मोरध्वज) के घर में माघ कृष्ण 4, विक्रम संवत 1053 (सकट चतुर्थी) को हुआ था। अत्यन्त तेजस्वी होने के कारण इनका नाम सुहेलदेव (चमकदार … Read more

6 जून/ जन्म-दिवस असम के रक्षक गोपीनाथ बारदोलोई

भारत रत्न से विभूषित श्री गोपीनाथ बारदोलोई का जन्म छह जून, 1890को असम के नागांव जिले के राहा गांव में हुआ था। इनके पिता श्री बुद्धेश्वर तथा माता श्रीमती प्राणेश्वरी थीं। उन्होंने एम.ए तथा फिर कानून की परीक्षाएं अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कीं। 1922 में एक स्वयंसेवक के नाते वे कांग्रेस में शामिल हुए। सविनय … Read more

5 जून/पुण्य तिथि परमपूज्य श्री गुरु जी

परमपूज्य श्री गुरु जी का जन्म फाल्गुन मास की एकादशी संवत् 1963 तदनुसार 19 फ़रवरी 1906 को महाराष्ट्र के रामटेक में हुआ था। वे अपने माता-पिता की चौथी संतान थे। उनके पिता का नाम श्री सदाशिव राव उपाख्य ‘भाऊ जी’ तथा माता का श्रीमती लक्ष्मीबाई उपाख्य ‘ताई’ था। उनका बचपन में नाम माधव रखा गया … Read more

इतिहास-स्मृति कोहनूर हीरे की वापसी

कोहनूर हीरे का इतिहास बहुत पुराना है। कुछ इसे महाभारत काल की प्रसिद्ध स्यमंतक मणि बताते हैं। गोलकुंडा की खान से निकले इस हीरे को अत्यधिक आभा के कारण प्रकाश का पर्वत (कोह-ए-नूर) कहा गया। इसे पाने की अभिलाषा हर राजा की रही। एक समय यह भारत के मुगल शासकों के पास था। इसके बाद … Read more

3 जून/ इतिहासः भारत के विभाजन की योजना

ब्रिटिश सरकार ने 20 फरवरी, 1947 को घोषणा की थी कि वह माह जून, 1948 तक भारत को स्वतंत्र कर देगी। इस घोषणा का तत्कालीन वायसराय लार्ड माउण्टबेटन पर इसके क्रियान्वयन का दबाव था । भारत को अंग्रेजी राज से स्वतंत्रता भले ही 15 अगस्त, 1947 को मिली हो, परन्तु 3 जून, 1947 को तत्कालीन … Read more

31 मई/जन्म-दिवस तपस्वी राजमाता अहल्याबाई होल्कर

भारत में जिन महिलाओं का जीवन आदर्श, वीरता, त्याग तथा देशभक्ति के लिए सदा याद किया जाता है, उनमें रानी अहल्याबाई होल्कर का नाम प्रमुख है। उनका जन्म 31 मई, 1725 को ग्राम छौंदी (अहमदनगर, महाराष्ट्र) में एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। इनके पिता श्री मनकोजी राव शिन्दे परम शिवभक्त थे। अतः यही … Read more

30 मई/बलिदान-दिवस गुरु अर्जुनदेव का बलिदान

हिन्दू धर्म और भारत की रक्षा के लिए यों तो अनेक वीरों एवं महान् आत्माओं ने अपने प्राण अर्पण किये हैं; पर उनमें भी सिख गुरुओं के बलिदान का उदाहरण मिलना कठिन है। पाँचवे गुरु श्री अर्जुनदेव जी ने जिस प्रकार आत्मार्पण किया, उससे हिन्दू समाज में अतीव जागृति का संचार हुआ। सिख पन्थ का … Read more

महंत अवैद्यनाथ जी

महंत अवैद्यनाथ का जन्म 28 मई 1921 को ग्राम काण्डी, जिला पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में श्री राय सिंह बिष्ट के घर हुआ था। आपके बचपन का नाम श्री कृपाल सिंह बिष्ट था । महंत अवेद्यनाथ ने वाराणसी व हरिद्वार में संस्कृत का अध्ययन किया था। वह संस्कृत से शास्त्री थे। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से … Read more

28 मई/जन्म-दिवस क्रान्तिकारियों के सिरमौर वीर सावरकर

विनायक दामोदर सावरकर का जन्म ग्राम भगूर (जिला नासिक, महाराष्ट्र) में 28 मई, 1883 को हुआ था। छात्र जीवन में इन पर लोकमान्य तिलक के समाचार पत्र ‘केसरी’ का बहुत प्रभाव पड़ा। इन्होंने भी अपने जीवन का लक्ष्य देश की स्वतन्त्रता को बना लिया। 1905 में उन्होंने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का आन्दोलन चलाया। जब … Read more

भगतसिंह के प्रेरणास्रोत करतार सिंह सराबा

अमर बलिदानी करतार सिंह सराबा को भगतसिंह अपना अग्रज, गुरु, साथी तथा प्रेरणास्रोत मानते थे। वे भगतसिंह से 11 वर्ष बड़े थे और उनसे 11 वर्ष पूर्व केवल 19 वर्ष की तरुणावस्था में ही भारतमाता के पावन चरणों में उन्होंने हंसते हुए अपना शीश अर्पित कर दिया। करतार सिंह का जन्म 24 मई 1896 ई. … Read more