23 मार्च/बलिदान-दिवस इन्कलाब जिन्दाबाद के उद्घोषक भगतसिंह

क्रान्तिवीर भगतसिंह का जन्म 28 सितम्बर, 1907 को ग्राम बंगा, (जिला लायलपुर, पंजाब) में हुआ था। उसके जन्म के कुछ समय पूर्व ही उसके पिता किशनसिंह और चाचा अजीतसिंह जेल से छूटे थे। अतः उसे भागों वाला अर्थात भाग्यवान माना गया। घर में हर समय स्वाधीनता आन्दोलन की चर्चा होती रहती थी। इसका प्रभाव भगतसिंह … Read more

इतिहास के पन्नों में 22 मार्चः नादिरशाह का दिल्ली में कहर, खून के आंसू रोई जनता

देश-दुनिया के इतिहास में 22 मार्च की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह साल 1769 की वही तारीख है जब दिल्ली की जनता खून के आंसू राई। दरअसल मार्च 1739 में फारस (अब ईरान) के बादशाह नादिरशाह ने भारत पर हमला कर दिया और करनाल में हुई लड़ाई में मुगलिया सेना की बुरी … Read more

इतिहास के पन्नों में 21मार्चः जंगलों को बचाने के संकल्प का बड़ा दिन

देश-दुनिया के इतिहास में 21 मार्च की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख मनुष्यता को भावी संकट से बचाने के लिए बड़े दिवस के रूप में याद की जाती है। यह दिवस है-विश्व वानिकी दिवस। सारा संसार आज वनक्षेत्र घटने से चिंतित है। इसलिए सारी दुनिया में हर साल 21 मार्च को … Read more

इतिहास के पन्नों में 05 मार्चः गांधी-इरविन पैक्ट की गवाह तारीख

देश-दुनिया के इतिहास में 05 मार्च की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह साल 1931 की वही तारीख है, जब महात्मा गांधी और तत्कालीन वायसरॉय लॉर्ड इरविन के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ था। इस समझौते को गांधी-इरविन पैक्ट कहते हैं। पहली बार अंग्रेजों ने भारतीयों के साथ समान स्तर पर समझौता किया। इस … Read more

इतिहास के पन्नों में 03 मार्चः जमशेदपुर में झलकता है जमशेदजी टाटा का विजन

देश-दुनिया के इतिहास में 03 मार्च की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख भारतीय उद्योगपति जमशेदजी टाटा के अवसान के रूप में हर बरस उद्योगजगत में बड़े अदब के साथ याद की जाती है। आज टाटा ग्रुप नमक से लेकर ट्रक तक बनाता है। पर इसे इस मुकाम तक लाने में सबसे … Read more

इतिहास के पन्नों में 02 मार्चः आइए याद करें देश की पहली महिला राज्यपाल सरोजनी नायडू को

देश-दुनिया के इतिहास में 02 मार्च की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख देश की प्रथम महिला राज्यपाल सरोजनी नायडू के अवसान के रूप में इतिहास का अहम हिस्सा है। सरोजिनी नायडू को सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी याद किया जाता है। स्वतंत्रता सेनानी के रूप में वह औपनिवेशिक शासन के … Read more

इतिहास के पन्नों में 24 फरवरीः ग्वालियर स्टेडियम में सचिन ने चूमा आकाश

देश-दुनिया के इतिहास में 24 फरवरी की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट जीवन के लिए खास है। सचिन तेंदुलकर ने वन-डे क्रिकेट के इतिहास में ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में 24 फरवरी, 2010 को दोहरा शतक लगाकर आकाश चूमा था। सचिन ने भारत और साउथ … Read more

16 फरवरी/जन्म-दिवस इतिहास पुरुष ठाकुर रामसिंह

ऐसा कहा जाता है कि शस्त्र या विष से तो एक-दो लोगों की ही हत्या की जा सकती है; पर यदि किसी देश के इतिहास को बिगाड़ दिया जाये, तो लगातार कई पीढ़ियाँ नष्ट हो जाती हैं। हमारे इतिहास के साथ दुर्भाग्य से ऐसा ही हुआ। रा.स्व.संघ के कार्यकर्ता इस भूल को सुधारने में लगे … Read more

बलिदानी_माता_पन्नाधाय

* बनवीर – ये महाराणा सांगा के बड़े भाई उड़न पृथ्वीराज की दासी पूतलदे का बेटा था | बनवीर को महाराणा सांगा ने बदचलनी के सबब से मेवाड़ से निकाल दिया था | मौका देखकर ये फिर मेवाड़ आया | * 1535 ई. में बनवीर ने चित्तौड़ के कई खास सर्दारों को अपनी तरफ मिलाया … Read more

भारत: हिन्दुस्थान से हिन्दुस्तान तक…… हेमेन्द्र क्षीरसागर

प्राचीनकाल से भारतभूमि के अलग-अलग नाम रहे हैं. मसलन जम्बूद्वीप, भारतखण्ड, हिमवर्ष, अजनाभवर्ष, आर्यावर्त, हिन्द, हिन्दुस्तान भारत और इंडिया सोने की चिड़िया, भारतवर्ष ऐसे ही अनेकानेक नामों से जानते हैं. आदिकाल में विदेशी लोग भारत को उसके उत्तर-पश्चिम में बहने वाले महानदी सिंधु के नाम से जानते थे, जिसे ईरानियो ने हिंदू और यूनानियो ने … Read more