बलिया में का बा: इतिहासकार बोले- यहां सब कुछ का है भंडार, जानें सारे राज…

यूपी और बिहार में का बा के बाद अब एक प्रख्यात इतिहासकार ने लिखा है कि बलिया में का बा. इतिहासकार के अनुसार बलिया में सरयू, सुरहा ताल, खैराड़ीह और सिंहौरा उद्योग जैसे तमाम ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक स्थान है. जानें बलिया में और का बा… सनन्दन उपाध्याय/बलिया, 20 मई: आज तक आपने सुना होगा … Read more

17 मई/बलिदान दिवस क्रांतिकारी महावीर सिंह

आजादी के आंदोलन में कास गंज जिले के स्वतंत्रता सेनानियों की एक से बढ़कर एक भूमिका रही। इनमें पटियाली तहसील के शाहपुर टहला गांव में 16 सितंबर 1904 को जन्में शहीद महावीर सिंह राठौर का नाम स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सम्मान के साथ लिया जाता है। बालपन से ही कुछ कर गुजरने की इच्छा … Read more

इतिहास के पन्नों में 15 मईः परिवार के मूल्यों को प्रतिष्ठित करने का उत्सव

परिवार, किसी भी सामाजिक ढांचे की रीढ़ है। मौजूदा दौर में परिवारों का विघटन, सामाजिक बिखराव के रूप में देखा जा सकता है। पश्चिम हो या पूर्व, दुनिया के हर देश में परिवार की मौजूदगी वहां के सामाजिक निर्माण में न केवल मुख्य भूमिका निभाते हैं बल्कि हर दौर में इसकी जरूरत हमेशा रही है। … Read more

10 मई/इतिहास-स्मृति दस मई 1857, जब क्रान्ति का बिगुल बज उठा

इतिहास इस बात का साक्षी है कि भारतवासियों ने एक दिन के लिए भी पराधीनता स्वीकार नहीं की। आक्रमणकारी चाहे जो हो; भारतीय वीरों ने संघर्ष की ज्योति को सदा प्रदीप्त रखा। कभी वे सफल हुए, तो कभी अहंकार, अनुशासनहीनता या जातीय दुरभिमान के कारण विफलता हाथ लगी। अंग्रेजों को भगाने का पहला संगठित प्रयास … Read more

9 मई/जन्मदिवस महाराणा प्रताप 

राणा प्रताप सिंह, जिन्हें महाराणा प्रताप के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 9 मई, 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ में हुआ था। वे मेवाड़ के 13वें राजा थे और उदय सिंह द्वितीय के सबसे बड़े पुत्र थे महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने अपनी राजधानी चित्तौड़ से मेवाड़ राज्य पर शासन किया। उदय … Read more

इतिहास के पन्नों में 09 मईः मेवाड़ के महाराणा की कहानी

देश-दुनिया के इतिहास में 09 मई की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख भारत के मेवाड़ के लिए ही नहीं, सपूर्ण देश के लिए खास है। वजह यह है कि भारत के पराक्रमी महाराणा प्रताप का जन्म 09 मई, 1540 को राजस्थान के मेवाड़ में हुआ था। राजपूत राजघराने में जन्म लेने … Read more

इतिहास के पन्नों में 07 मईः भारत से बांग्लादेश तक जन के मन में बसे हैं रबीन्द्रनाथ टैगोर

देश-दुनिया के इतिहास में 07 मई की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख नोबेल विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर के लिए जितनी खास है, उतनी ही भारत और बांग्लादेश के लिए भी। 1861 में जन्मे रबीन्द्र नाथ टैगोर को 1913 में नोबेल मिला था। भारत के लिए ये ऐतिहासिक साल था। पहली बार किसी … Read more

इतिहास के पन्नों में 04 मईः याद आ गई देश की पहली महिला जज अन्ना चांडी की कहानी

देश-दुनिया के इतिहास में 04 मई की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। इसी तारीख को 1905 में देश की पहली महिला जज का जन्म हुआ था। केरल के त्रिवेंद्रम में जन्मीं अन्ना चांडी ने 1926 में त्रिवेंद्रम के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री ली। कानून की डिग्री लेने वाली वे केरल … Read more

इतिहास के पन्नों में 03 मईः दुनिया में इसलिए मनाया जाता है सूर्य दिवस

देश-दुनिया के इतिहास में 03 मई की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए याद की जाती है।हर साल 03 मई को अंतरराष्ट्रीय सूर्य दिवस मनाया जाता है। भारत अपनी सौर ऊर्जा क्षमताओं में लगातार वृद्धि ही नहीं कर रहा, बल्कि दुनिया के तमाम … Read more

इतिहास के पन्नों में 25 अप्रैलः भारत में टीवी की रंगीन दुनिया देख खिल उठे चेहरे

देश-दुनिया के इतिहास में 25 अप्रैल की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख भारत में टेलीविजन के सफेद और काली दुनिया में बदलाव के लिए याद की जाती है। भारत में 25 अप्रैल, 1982 को ही दूरदर्शन रंगीन हुआ था। इसके बाद भारत ने एशियाई खेलों की मेजबानी की। दूरदर्शन पर खेलों … Read more