6 दिसंबर / बलिदान दिवस  आत्म बलिदानी -शहीद अविनाश माहेश्वरी मंदिर_वहीं_बनेगा

शहीद अविनाश माहेश्वरी का जन्म 26 जून1973 को पिचोलिया ग्राम अजमेर मैं हुआ। वे अपने माता पिता श्री माणक चंद्र माहेश्वरी एवम् अक्षय माहेश्वरी के एकलौते पुत्र थे। प्रेम का नाम था– पिंटू । पिंटू का घर के संस्कारमय धार्मिक वातावरण मै लालन पालन हुआ। बाल्यकाल से ही प्रखर बुद्धि व तेजोमय व्यक्तित्व से संपन्न … Read more

6 दिसम्बर/इतिहास-स्मृति राष्ट्रीय कलंक का परिमार्जन

भारत में विधर्मी आक्रमणकारियों ने बड़ी संख्या में हिन्दू मन्दिरों का विध्वंस किया। स्वतन्त्रता के बाद सरकार ने मुस्लिम वोटों के लालच में ऐसी मस्जिदों, मजारों आदि को बना रहने दिया। इनमें से श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर (अयोध्या), श्रीकृष्ण जन्मभूमि (मथुरा) और काशी विश्वनाथ मन्दिर के सीने पर बनी मस्जिदें सदा से हिन्दुओं को उद्वेलित करती … Read more

3 दिसम्बर / जन्मदिवस अमर बलिदानी खुदीराम बोस

खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को बंगाल के मेदिनीपुर जिले के केशपुर थाना क्षेत्र के मोहोबनी नामक छोटे से गाँव में एक कायस्थ परिवार में हुआ था । उनके पिता नेरजोल में एक तहसीलदार थे। तीन बेटियों के परिवार में खुदीराम चौथे बच्चे थे। खुदीराम के जन्म से पहले उनके माता-पिता, त्रैलोक्यनाथ बोस … Read more

25 नवम्बर/पुण्य-तिथि राजा धन्य माणिक्य एवम रानी कमला देवी  द्वारा त्रिपुरा में नरबलि का अन्त

पूर्वांचल के सात राज्यों में त्रिपुरा भी एक है। 1490 ई. में यहाँ राजा धन्य माणिक्य का शासन था। राजा और उनकी रानी कमला देवी बड़े धार्मिक स्वभाव के थे। उन्होंने काशी और प्रयाग से विद्वानों को बुलाकर अपने राज्य में गंगोत्री, यमुनोत्री, त्रिपुर सुन्दरी, काली माँ आदि के विशाल मन्दिर, तालाब तथा शमशान घाट … Read more

24 नवम्बर / बलिदान दिवस गुरु तेग बहादुर जी

24 नवंबर 1675 की तारीख गवाह बनी थी, हिन्दू के हिन्दू बने रहने की !! दोपहर का समय और जगह चाँदनी चौक , दिल्ली लाल किले के सामने जब मुगलिया हुकूमत की क्रूरता देखने के लिए लोग इकट्ठे हुए पर बिल्कुल शांत बैठे थे -नौवें गुरू तेग बहादुर साहिब।  लोगो का जमघट !! और सबकी … Read more

पूर्वांचल का भृगुक्षेत्र, जहां सूखा बांस हरा हो गया, विरासत में मिला ऐतिहासिक ददरी मेला

सार ऋषियों के सुझाव के मुताबिक, महर्षि भृगु सूखे बांस को लेकर गंगा किनारे पूरब की ओर चल पड़े। पौराणिक कथा के मुताबिक, बलिया के पास पहुंचते ही वह बांस हरा हो गया। भृगु ने वहीं पर तपस्या करके विष्णु की छाती में लात मारने से लगे पाप से मुक्ति पाई, जिस कारण इस जगह … Read more

National Education Day 2024: 11 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, जानें इसका महत्व एवं इतिहास

नई दिल्ली। हमारे देश में प्रतिवर्ष 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत सर्वप्रथम 11 नवंबर 2008 को की गई थी जिसके बाद प्रतिवर्ष यह दिन सेलिब्रेट किया जाने लगा। इस दिन देशभर में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है। … Read more

इतिहास के पन्नों में 01 नवंबरः यूं ही नहीं प्रसिद्ध है चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना

देश-दुनिया के इतिहास में 01 नवंबर की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख भारत में निर्मित पहले भाप रेल इंजन के लिए यादगार है। इसे पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना में तैयार किया गया। यहां से पहला भाप इंजन 01 नवंबर, 1950 को बाहर आया। यह कारखाना पश्चिम बंगाल के … Read more

इतिहास-स्मृति लंदन में विजयादशमी पर्व 

एक समय दुनिया में अंग्रेजों की तूती बोलती थी। ऐसे में इंग्लैंड में बसे भारतीय बहुत दबकर रहते थे। राजधानी लंदन में तो माहौल बहुत ही खराब था। वहां के हिन्दू केवल नाम के हिन्दू रह गये थे। वे अपने धार्मिक पर्व मनाने की बजाय चर्च जाते थे और क्रिसमस के कार्ड एक-दूसरे को देते … Read more

इतिहास के पन्नों में 23 अक्टूबरः ‘कर्नाटक की लक्ष्मीबाई’ का जन्म

अक्टूबर, 1824 को 20 हजार ब्रिटिश फौज ने जब अचानक कित्तूर राज का रुख किया तो मानो दहशत फैल गई। ब्रिटिश फौज की ताकत ऐसी कि उसकी जीत मानो तय थी। अंग्रेजों के सामने कित्तूर की फौज कुछ भी नहीं थी, लेकिन उसके पास था-चट्टानी हौसले वाली वीरांगना रानी चेन्नम्मा का नेतृत्व। रानी चेन्नम्मा ने … Read more