रचना का प्रतिपक्ष नहीं है आलोचना: प्रो. द्विवेदी
कोलकाता:बंगीय हिंदी परिषद, कोलकाता द्वारा आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद को संबोधित करते हुए भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि आलोचना रचना का प्रतिपक्ष नहीं होती है। किसी भी आलोचक का निष्पक्ष होना सबसे जरूरी है। ‘स्वातंत्र्योत्तर हिंदी आलोचना : विविध परिदृश्य’ विषय पर आयोजित इस परिसंवाद में डॉ. मृत्युंजय … Read more