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🚀 समाचार जगत में ‘प्रेरणा भारती’ का नया अध्याय! प्रिंट संस्करण, वेबसाइट और ई-पेपर के बाद अब प्रेरणा भारती न्यूज़ नेटवर्क जल्द ही सोशल मीडिया पर भी दस्तक देने जा रहा है! 📢 अब हर बड़ी खबर, त्वरित अपडेट और विश्लेषण आपके मोबाइल स्क्रीन पर— तेज, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के साथ। 🔜 जुड़े रहें और बने रहिए हर खबर से … Read more

।। होलिका दहन स्तोत्र ।।

सभी देशवासियों को पावन होलिका दहन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं ! ।। होलिका दहन स्तोत्र ।। होली जलाते समय या होली जलाने के बाद तीन या पांच परिक्रमा करने के पश्चात होलिका को दोनों हाथो से नमस्कार करके यह स्तोत्र बोलने से होलिका माता मनुष्य के सभी पापो को हर लेती है, सभी सन्तापों को … Read more

होली की चटपटी रंगत में सियासत का तड़का

होली, यानी रंगों का त्यौहार! बचपन में हमें लगता था कि यह त्यौहार बस गुलाल उड़ाने, भंग की तरंग में झूमने और गुजिया उड़ाने के लिए होता है। लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े हुए, हमने समझा कि असली होली तो समाज और सियासत में खेली जाती है। अब देखिए, चुनावी मौसम में हर कोई होली की … Read more

आपणो मारवाड़ी समाज कठे जारियो है?                     (लीकलकोटीया नं.2.)

मीनू डीनर को,प्लेट छोटी सी, अर आईटम परात का भाईयों मं जाणूं हूं कि आपणे समाज क बारे मं मेरो लिखणो आपणे समाज क लोगां न चोखो कोनी लागे पण फेरुं भी लिखूं हूं, समाज न सुधारणे की हिम्मत कोनी पण समाज सुधारक एवं सिरमोर कुव्हाणीयां की गाली सुणने लिखूं हूं समाज क नेता लोगां … Read more

एक मध्यमवर्गीय का सपना

मैं खत्म होती टूथपेस्ट की ट्यूब को जोर से दबाकर बचा हुआ हिस्सा निकालने की कोशिश कर रही थी। लेकिन कुछ भी नहीं निकल रहा था। मेरे बाद भी दो लोगों को ब्रश करना था, इसलिए कभी ट्यूब को मोड़ती, कभी दबाती, और जरूरत पड़ने पर कैंची से काट भी देती—बस इतना कि तीनों के … Read more

आदर्श विवाह एवं दिन मे शादी से समाज मे निश्चित रूप से बदलाव आयेगा — मदन सुमित्रा सिंघल

करत करत अभ्यास से जङमति होत सुजान रहती आवत जात ते सिल पर परत निसान यानि बार प्रयास करने से मुर्ख भी विद्वान हो सकता है जैसे कुंए की सिला पर रस्सी की घसीट लगने से वहाँ निसान बन जाते हैं इसी तरह कुरितियों एवं घिसीपिटी परंपराओं मे जकङा हुआ इंसान एक ना एक दिन … Read more

आदर्श विवाह एवं दिन मे शादी से समाज मे निश्चित रूप से बदलाव आयेगा

करत करत अभ्यास से जङमति होत सुजान रहती आवत जात ते सिल पर परत निसान यानि बार प्रयास करने से मुर्ख भी विद्वान हो सकता है जैसे कुंए की सिला पर रस्सी की घसीट लगने से वहाँ निसान बन जाते हैं इसी तरह कुरितियों एवं घिसीपिटी परंपराओं मे जकङा हुआ इंसान एक ना एक दिन … Read more

पत्रकार का जीवन और संघर्ष

पत्रकार का जीवन और संघर्ष – विनोद भारद्वाज पत्रकारिता को लेकर आम धारणा है कि यह एक ग्लैमरस पेशा है। इसमें नाम, पैसा और सामाजिक प्रतिष्ठा तीनों ही मिलते हैं। नेता हों या अधिकारी, सभी पत्रकारों को महत्व देते हैं। इसी कारण, कई लोगों को लगता है कि पत्रकारों के जीवन में कोई संघर्ष नहीं … Read more

विकसित भारत की आधारशिला वाला बजट — पूजा सेजवाल

मोदी सरकार के इस बजट में एक बदलता हुआ भारत और सरकार के बदलते हुए दृष्टिकोण को देखा जा सकता है। कोविड महामारी के बाद अब ये बजत साफ तौर पर ये संदेश दे रहा है कि अब विकास की जिम्मेदारी सरकार ने काफी हद तक निजी क्षेत्र को सौप दी है। बुनियादी ढांचे पर … Read more

राजनीति में युवाओं की भागीदारी: लोकतंत्र की नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के वर्षों में राजनीति में युवाओं, विशेष रूप से गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत को लगातार रेखांकित किया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने एक लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया था, जिनकी कोई राजनीतिक … Read more