बच्चों का नाम सोच विचार कर रखें

बच्चों का नाम रखने के बिषय में समाज के एक बहुत बड़े वर्ग को न जाने हो क्या गया है? लगता है जैसे समाज पथभ्रष्ट एवं दिग्भ्रमित हो गया है. एक सज्जन ने अपने बच्चों से परिचय कराया, और बताया की पोती का नाम *अवीरा* रखा है, बड़ा ही यूनिक_नाम रखा है। यह पूछने पर … Read more

22 फरवरी/पुण्य-तिथि सेवा का अक्षय वट माधवराव परलकर

सेवा का क्षेत्र बहुत व्यापक है। जिस व्यक्ति पर कष्ट पड़ता है, उसकी सेवा तो पुण्य है ही; पर उनके सम्बन्धियों के कष्ट भी कम नहीं होते।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता जनजीवन से जुड़े होते हैं। उन्होंने ऐसे रोगियों और उनके परिचारकों के लिए अनेक सेवा केन्द्रों की स्थापना की है। इनमें मुम्बई का ‘नाना … Read more

पत्र पाठकों के

संपादक महोदया, हम आज गांव का कुछ समस्या के बारे में बात करेंगे  District-Hailakandi (Assam) Block-Lala GP-Chandrapur( चंद्रपुर) Village-Behul भेउल  गांव का एक सड़क है जो अभी बारिश होने के वजह से सड़क की हालत बहुत खराब है, मिट्टी का सड़क होने के कारण यह सड़क पूरी तरह से खराब हो गया है, इसमें चलने … Read more

मात मुझे दिजे किछु चिन्हा, जैसे रघुनायक मोहे दिन्हा— मदन सुमित्रा सिंघल

हम लोग आध्यात्मिक एवं धार्मिक लोग प्रायः रोजाना ही दिनचर्या एवं नियमित पूजा पाठ में सर्वाधिक लोकप्रिय तथा धार्मिक ग्रन्थों में सबसे सरल एवं संक्षिप्त तथा लगभग सभी भाषाओं में उपलब्ध  सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ करते हैं। अनेक संस्थान दिनभर हनुमान चालीसा पाठ करवाने के साथ साथ संपुट लगाकर संगीतमय सुंदरकांड पाठ भी करवाते … Read more

पाठकों से अपील

हिंदी प्रेमियों से अपील यदि आप चाहते हैं कि शिलचर से एक हिंदी समाचार पत्र प्रकाशित होता रहे तो कृपया ध्यान दें: सम्माननीय पाठक वृंद, सादर अभिवादन, आप सभी अवगत हैं कि 2022 में असम सरकार का विज्ञापन निरंतर प्राप्त हो रहा था तो काम चल रहा था। जून 2022 में शिलचर में आई बाढ़ … Read more

पत्र पाठकों का

प्रेरणा भारती के संपादक सीमा कुमार जी, जब भारत का विभाजन हुआ था कांग्रेस सरकार द्वारा तब तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान वर्तमान बंग्लादेश से जिहादी मुसलमानों से भागकर करोड़ो हिंदू बंगाली असम सह पश्चिमबंगाल, बिहार, झारखंड तथा दूसरे प्रदेशो में शरण लिया था। आज भी बंग्लादेश से हिंदू बंगाली मुसलमानो से भागकर आ रहा हैं विभाजित … Read more

शब्दाक्षर पत्रिका के नूतन अंक का लोकार्पण संपन्न

साहित्य को समर्पित त्रैमासिक शब्दाक्षर पत्रिका के जनवरी-मार्च 24 अंक का लोकार्पण शब्दाक्षर के 25 राज्यों के प्रतिनिधि पदाधिकारियों की उपस्थिति में आभासी रूप से संपन्न हुआ। लोकार्पण विभूति थे-शब्दाक्षर तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष व व्यवस्था प्रमुख केवल कोठरी। कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। पहला सत्र था लोकार्पण सत्र, दूसरा सत्र था काव्यांजलि सत्र। इस … Read more

दक्षिण असम से प्रकाशित एकमात्र दैनिक हिंदी समाचार पत्रिका प्रेरणा भारती के १४ जनवरी २०२४ के अंक में लिखित आलेख “बराकघाटी में भाजपा क्यों कर रही हैं हिंदीभाषियों की उपेक्षा ” के संदर्भ में पत्र

असम भिन्न भाषिक समुदायों का निवासस्थल है। प्रायः चार करोड़ जनसंख्या वाले इस प्रदेश में असमियाभाषी बहुसंख्यक हैं। जनसंख्या के दृष्टिकोण से दूसरे क्रम पर हैं चाय जनजाति सह हिंदीभाषी। इस प्रदेश में राष्ट्रवाद का झंडा लेकर यह समुदाय ही चल रहा है। इसका प्रमाण हैं राम मंदिर निर्माण आन्दोलन जब नब्बे के दशक में … Read more

भाजपा गठबंधन की असम सरकार हिंदी भाषा के संग अन्याय नही करे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० के अंतर्गत अनुच्छेद 4.13 में लिखा हैं कि छात्रों को त्रिभाषा विधि के अंतर्गत   विद्यालयों में कम से कम दो भारतीय भाषाओं को पढ़ाया जाएँ। अभी असम सरकार की प्रादेशिकृत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में यह नियम लागू है, ब्रह्मपुत्रघाटी में असमिया एवं बराकघाटी में बंग्ला के संग हिंदी पढ़ाया जा रहा … Read more

भाजपा में चाय जनगोष्ठी के लोगों को उचित प्रतिनिधित्व देना होगा

संपादक महोदया, बराक घाटी के चाय जनगोष्टी को हम हिन्दीभाषी के रुप में जानते है क्योकि ज्यादातर ल़ोग हिन्दीभाषी क्षेत्रों से आकर अपनी खुन पसीने से चाय उद्योग को सीचा एवं चाय उत्पादन में  असम को एक नई  पहचान दिलाई | आज इस समाज के लोग सत्ता पक्ष द्वारा अपने को ठगा महसुस कर रहे … Read more