भाषा मे निखालसता हो।
भाषा मे निखालसता हो। धरा पर मनुष्य के पास भाषा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके जरीये हम अपने मन की भाव को एक दुसरे के साथ आदान – प्रदान कर सकते है। भाषा संयमित और विनम्र होना चाहिए। भाषा एक ऐसा अस्त्र है जिससे आग लग सकती है और बुझ भी सकती है। आग … Read more