[लाभार्थियों से १५ नवंबर तक लंबित ई-केवाईसी और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर अपडेट कराने की अपील]
तिनसुकिया: लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए तिनसुकिया जिला प्रशासन ने अन्न सेवा दिवस के माध्यम से सभी पात्र राशन कार्डधारकों तक आवश्यक खाद्य सामग्री का उचित वितरण सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में राज्यभर में प्रत्येक महीने की पहली से दसवीं तारीख तक अन्न सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दौरान राशन कार्ड में ऑनलाइन पंजीकृत परिवार का कोई भी एक पात्र सदस्य इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन यानी अंगूठे का निशान देकर आवंटित खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक सामग्री प्राप्त कर सकता है।
इस पहल से वास्तविक लाभार्थियों की उचित पहचान और प्रमाणीकरण सुनिश्चित होता है। साथ ही, उपभोक्ता संरक्षण को मजबूती मिलती है तथा पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकारों से वंचित करने या आवंटित सामग्री के दुरुपयोग की संभावना कम होती है।
तिनसुकिया जिला प्रशासन ने बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों तक आवंटित सामग्री पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अन्न सेवा दिवस को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
तिनसुकिया के जिला आयुक्त सुमित सत्तावन (आईएएस) ने चालू महीने में राशन कार्डधारक परिवारों के सदस्यों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने तथा आधार से जुड़े मोबाइल नंबरों को अपडेट करने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने और पात्र लाभार्थियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
इसी क्रम में संबंधित विभाग के उप निदेशक बिरिंची कुमार दत्ता की निगरानी में अन्न सेवा दिवस के दौरान आवश्यक खाद्य सामग्री के वितरण के साथ-साथ उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के विक्रेताओं के सहयोग से शेष लाभार्थियों की लंबित ई-केवाईसी प्रक्रिया १५ नवंबर तक पूरी करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने उन सभी लाभार्थियों से, जिनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है, निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरा कराने की अपील की है, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उन्हें मिलने वाली सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।