दुमदुमा प्रेरणा भारती
, 31 अक्टूबर (ख स ) :– दुमदुमा प्रेस क्लब भवन में आज अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ एवं नगांव विश्वविद्यालय के अतिथि प्राध्यापक डॉ. माणिक कर की पुस्तक “The Green Gold of Assam: An Environment Perspectives” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर अंचल के शिक्षाविदों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थिति रहे । दुमदुमा प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनुज कलिता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन क्लब के उपाध्यक्ष अभिजीत खाटनियार ने किया। चाय बागान के पूर्व प्रबंधक एवं चाय उद्योग पर कई पुस्तकों के लेखक उद्धव शर्मा ने पुस्तक का विधिवत विमोचन किया। अपने विमोचन संबोधन में श्री शर्मा ने कहा कि असम की पहचान और अर्थव्यवस्था से जुड़े चाय उद्योग, उसकी भौगोलिक स्थिति तथा भूकंप की संभावनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी इस पुस्तक के माध्यम से प्राप्त होगी। पुस्तक के लेखक डॉ. माणिक कर ने अपने संबोधन में दुमदुमा सहित हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों की भूवैज्ञानिक स्थिति, संभावित प्राकृतिक आपदाओं तथा उनसे बचाव के प्रति जनजागरूकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं प्रोजेक्ट के जरिए समझाया । कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार धीरन डेका एवं अमूल्य खाटनियार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वीर राघव मोरान सरकारी आदर्श महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमरजीत सैकिया, तिनसुकिया जिला साहित्य सभा के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन बरुवा, असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद के सहायक सचिव सुरजीत मोरान, सेवानिवृत्त प्राध्यापक बीरेन्द्रनाथ हजारिका, चाय उत्पादक अरूप कुमार बरुवा, दुमदुमा शाखा साहित्य सभा के अध्यक्ष देवेन डेका, दुमदुमा शाखा लेखिका समारोह समिति की अध्यक्ष दिव्यलता डेका तथा सेवानिवृत्त शिक्षिका एवं लेखिका डॉ. मीना देवी बरुवा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पुस्तक के माध्यम से असम के चाय उद्योग, पर्यावरण और प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां समाज तक पहुंचने की उम्मीद जताई।