बराक घाटी में कृषि विविधीकरण पर जोर, मखाना और ऑयल पाम की खेती को मिलेगा बढ़ावा

प्रे.स. शिलचर,। असम के कृषि, सिंचाई एवं संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने गुरुवार को कछार जिले के लखीपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न कृषि एवं सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने शिलचर स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय के सभागार में कृषि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

दौरे के दौरान मंत्री ने दीवान टी गार्डन में ऑयल पाम की खेती तथा हरमारकुलिन में अनानास उत्पादक किसानों की एफपीसी (किसान उत्पादक कंपनी) से मुलाकात की। उन्होंने चाय बागानों की 5 प्रतिशत भूमि पर ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने की जानकारी दी। अनानास उत्पादकों को बागवानी किट, पौधे, कोल्ड स्टोरेज परिवहन सुविधा सहित अन्य सहायता देने का आश्वासन दिया।

मंत्री ने अगले वर्ष से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट, लीची, नारियल और सुपारी सहित 5 से 6 लाख फलदार एवं बागवानी पौधों के वितरण की घोषणा की। उन्होंने स्थानीय जलाशयों में मखाना की खेती और अगरवुड तथा ऑयल पाम के उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

समीक्षा बैठक में उन्होंने किसानों के पंजीकरण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। गरीब किसानों की भूमि संबंधी नामांतरण समस्याओं के समाधान के लिए भूमि अभिलेख विभाग के साथ समन्वय बनाने को कहा। छोटे किसानों को सोलर वाटर पंप उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक जिले में कम से कम 42 किसान उत्पादक कंपनियां (एफपीसी) गठित करने का लक्ष्य भी रखा।

इस अवसर पर मंत्री कौशिक राय, विधायक डॉ. राजदीप रॉय, कमलाख्या डे पुरकायस्थ और किशोर नाथ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Comment