शिलचर, 27 अक्टूबर। असम विश्वविद्यालय की स्थापना के आंदोलन और इसमें बराक घाटी के लोगों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से लेखक विकास चक्रवर्ती की पुस्तक ‘ए हिस्ट्री ऑफ द एस्टैब्लिशमेंट ऑफ असम यूनिवर्सिटी’ का अंग्रेजी संस्करण प्रकाशित किया गया। सोमवार शाम शिलचर के पार्क रोड स्थित एलोरा हेरिटेज हॉल में असम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संगठन आक्सा (ACSA) की ओर से आयोजित समारोह में पुस्तक का विमोचन किया गया।
समारोह की अध्यक्षता ‘सामयिक प्रसंग’ के संपादक तैमूर राजा चौधरी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में असम विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति डॉ. अशोक सेन उपस्थित थे। कार्यक्रम में आक्सा के संस्थापक महासचिव प्रमोद श्रीवास्तव, संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप दत्ताराय तथा शिलचर विमेंस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. मनोज पाल भी मौजूद रहे।
लेखक विकास चक्रवर्ती ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना के आंदोलन के इतिहास को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण प्रकाशित किया गया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक संघर्ष और उसमें बराक घाटी के लोगों की भूमिका को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आक्सा के संस्थापक महासचिव प्रमोद श्रीवास्तव और संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप दत्ताराय ने विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए चले आंदोलन में संगठन तथा बराक घाटी के लोगों के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक संघर्ष को दस्तावेजों के माध्यम से भावी पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
मुख्य अतिथि डॉ. अशोक सेन ने बताया कि असम विश्वविद्यालय की ओर से भी उसकी स्थापना के इतिहास पर एक पुस्तक प्रकाशित करने की योजना है।
वक्ताओं ने असम विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे हुए संघर्ष और उसके ऐतिहासिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।