श्रीभूमि जिले में तृतीय दशमी के दिन बिहू दल पर हुए हमले की कड़ी निंदा, बजरंग दल का नाम जोड़कर दुष्प्रचार करने का विरोध

श्रीभूमि जिले में दशमी के तीसरे दिन एक बिहू दल पर हुए हमले की घटना पर विश्व हिंदू परिषद, दक्षिण-पूर्व प्रांत ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस अमानवीय एवं निंदनीय घटना की कड़ी भर्त्सना की है। साथ ही, इस घटना के साथ बजरंग दल का नाम जोड़कर लगाए जा रहे आरोपों और किए जा रहे दुष्प्रचार का भी तीव्र विरोध किया है।

विश्व हिंदू परिषद ने स्पष्ट किया है कि हमले जैसी निंदनीय घटना का किसी भी परिस्थिति में समर्थन नहीं किया जा सकता। घटना में वास्तव में शामिल लोगों की पहचान निष्पक्ष जांच के माध्यम से की जानी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, किसी निर्दोष व्यक्ति या संगठन पर झूठे आरोप लगाना भी उतना ही अन्यायपूर्ण है।

विश्व हिंदू परिषद का आदर्श है कि सभी हिंदू एक ही मां की संतान हैं। भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय विविधताएं आपसी विरोध का कारण नहीं, बल्कि हमारे समाज की समृद्धि हैं। बिहू असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। इसलिए बिहू दल पर हुए इस हमले को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने आरोप लगाया कि इस घटना में बजरंग दल का नाम जोड़कर उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है और इसका कड़ा विरोध किया।

परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और समुचित जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए तथा उन्हें उदाहरणात्मक सजा दिलाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई निर्दोष व्यक्ति या संगठन सुनियोजित दुष्प्रचार का शिकार न बने।

विश्व हिंदू परिषद ने संबंधित सभी पक्षों को आगाह करते हुए कहा कि किसी संगठन का नाम लेकर भ्रम फैलाना, झूठा प्रचार करना अथवा समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। यदि किसी को कोई शिकायत है, तो उसे उचित प्रमाणों के साथ प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। अफवाहों और निराधार प्रचार के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।

बराक और ब्रह्मपुत्र घाटी के बीच लंबे समय से कायम आपसी सद्भाव, भाईचारे और एकता की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। विश्व हिंदू परिषद, दक्षिण-पूर्व प्रांत ने कहा कि वह इस सद्भाव को बनाए रखने के लिए सदैव प्रयासरत रहेगा। समाज में शांति बनाए रखना, सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना और अन्याय के विरुद्ध न्यायोचित आवाज उठाना ही उसका संकल्प है।

अंत में परिषद ने बिहू दल पर हुए अमानवीय हमले की एक बार फिर कड़ी निंदा करते हुए बजरंग दल के विरुद्ध कथित निराधार दुष्प्रचार का विरोध किया। संगठन ने मांग की कि सच्चाई सामने आए, दोषियों को सजा मिले और बराक-ब्रह्मपुत्र घाटी के बीच सामाजिक सद्भाव अक्षुण्ण बना रहे।

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