सीआरपीएफ 68 बटालियन की पहल पर सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित तिनसुकिया के तीन शिक्षण संस्थानों को वितरित की गईं सिलाई मशीनें, युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर।

दुमदुमा प्रेरणा भारती 26 अक्टूबर: युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सीआरपीएफ की 68वीं बटालियन ने असम स्किल डेवलपमेंट मिशन एवं तिनसुकिया जिला प्रशासन के सहयोग से एक सराहनीय पहल की है। इसके तहत वीर राघव मोरान आदर्श महाविद्यालय में सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान तिनसुकिया जिले के तीन शिक्षण संस्थानों को सिलाई मशीनें तथा प्रेस सुता कपड़े एवं सीलाई से जुड़ी समान

प्रदान की गईं।कार्यक्रम में तिनसुकिया के जिला आयुक्त सुमीत सत्तावन, सीआरपीएफ की 68वीं बटालियन के कमांडेंट आशीष कुमार, जिला पुलिस अधीक्षक मयंक कुमार, वीर राघव मोरान आदर्श महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमर ज्योति सैकिया, तिनसुकिया कौशल विकास मिशन के प्रबंधक युगल गोस्वामी, भारतीय स्टेट बैंक की दुमदुमा शाखा के प्रबंधक श्याम क्षेत्री तथा सीआरपीएफ की सहायक कमांडेंट वीणा मिश्रा उपस्थित रहे।

इस अवसर पर तिनसुकिया कॉमर्स कॉलेज, मार्गेरिटा आईटीआई तथा वीर राघव मोरान आदर्श महाविद्यालय को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। इस पहल से संबंधित शिक्षण संस्थानों में कौशल विकास प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से युवा व्यावसायिक कौशल हासिल कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

भारतीय स्टेट बैंक की दुमदुमा शाखा के प्रबंधक श्याम क्षेत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार अथवा स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं को बैंक की ओर से नियमानुसार ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। उन्होंने युवाओं को प्रशिक्षण का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिला आयुक्त सुमीत सत्तावन ने कहा कि इस प्रकार की पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, जिला पुलिस अधीक्षक मयंक कुमार और सीआरपीएफ कमांडेंट आशीष कुमार ने भी अपने संबोधन में कौशल विकास एवं स्वरोजगार के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन सीआरपीएफ की 68वीं बटालियन की सहायक कमांडेंट बबली कुशवाहा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वीर राघव मोरान आदर्श महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमर ज्योति सैकिया ने प्रस्तुत किया।

सीआरपीएफ की इस पहल को युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने, कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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