धुबरी में पहली बार मशीन से हुआ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन, शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई विसर्जन प्रक्रिया

सेलिम शेख, धुबरी, 22 अक्टूबर। शारदीय दुर्गोत्सव का समापन विजयादशमी के पारंपरिक प्रतिमा विसर्जन के साथ हो गया। बुधवार को धुबरी शहर के निर्धारित विसर्जन घाट पर उत्सवपूर्ण माहौल के बीच मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ। देवी को अंतिम विदाई देने के लिए घाट पर श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।

इस वर्ष धुबरी के विसर्जन घाट पर पहली बार मशीन से प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था का उपयोग किया गया। पारंपरिक रूप से हाथों की सहायता से प्रतिमाओं का विसर्जन करने की व्यवस्था के साथ मशीन के जरिए विसर्जन की नई पद्धति शुरू करना इस बार के विसर्जन कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धुबरी शहर के विभिन्न दुर्गा पूजा मंडपों की कुल 108 प्रतिमाओं का इस वर्ष विसर्जन किया जाना है। शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुई विसर्जन प्रक्रिया रात करीब 11 बजे तक जारी रहने की जानकारी दी गई। प्रतिमा विसर्जन के लिए घाट पर पारंपरिक और मशीन से संचालित, दोनों व्यवस्थाओं का उपयोग किया गया।

वहीं, विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से धुबरी जिला प्रशासन ने घाट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम उठाए गए।

दुर्गा पूजा के कई दिनों तक चले आनंद और उत्साह के बाद विजयादशमी पर प्रतिमा विसर्जन के साथ श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को विदाई दी। प्रार्थना, पारंपरिक रीति-रिवाजों और भावुक माहौल के बीच धुबरी में इस वर्ष के दुर्गोत्सव का समापन हुआ।

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