दुमदुमा बाईपास पर सड़क दुर्घटना , मृतक की संख्या हुई चार।

घटना के विरोध में लोगों ने किया पथावरोध, मुआवजा के साथ पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग।

दुमदुमा, प्रेरणा भारती 25 अक्टूबर: तिनसुकिया जिला के दुमदुमा थानांतर्गत सामडांग बाईपास नतुन लाइन में कल रात हुई भयानक हादसे में तीन वाहनों की टक्कर से मृतकों की संख्या चार हो गई। इस घटना के बाद से आज रविवार को  लोगों, महिलाएं और बच्चे समेत सैकड़ों लोगों ने दुमदुमा बाईपास को पथावरोध कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सड़क पर लगातार हो रही जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकने में पुलिस और नागरिक प्रशासन विफल रहा है।

शनिवार शाम को तीन वाहनों के बीच हुई भीषण टक्कर में चार लोग क्रमशः सुब्रत भक्त, पिंटू तांती, गणेश प्रजा और राजेश केसान की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि हरी चाय की पत्तियां ले जा रहा एक बोलेरो पिकअप वाहन राहगीर को ठोकर मारने के बाद अनियंत्रित होकर अन्य एक जिमनी वाहन एवं बाइक टकरा गया, जिसके बाद बाइक में आग लग गई। दुर्घटना के चौथे मृतक की पहचान  राजेश केसान के रूप में की गई। वह फिलोबाड़ी के अंतर्गत काकोजान के पीठागुड़ी गांव का निवासी था। वह हरी चाय की पत्तियां ले जा रहे वाहन में सहायक के रूप में काम करता था। आग की भयावहता के कारण शुरुआत में मृतकों की पहचान करने में कठिनाई हुई थी।

प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के शोकाकुल परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने, सड़क पर स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट लगाने तथा सामडांग में तत्काल स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की।

अखिल असम चाय जनजाति छात्र संस्था (आट्सा) की दुमदुमा आंचलिक समिति के अध्यक्ष इरोत तांती ने बाईपास को ‘मौत की घाटी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि बार-बार दुर्घटनाएं और सर्वेक्षण किए जाने के बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

तांती ने बताया कि  केवल स्पीड ब्रेकर लगाने से कोई फायदा नहीं होगा। इस समस्या के समाधान के लिए स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने, सड़क पर स्ट्रीट लाइट लगाने और बाईपास के किनारे अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने सहित ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही व्यापक आंदोलन की चेतावनी देते हुए तांती ने कहा, “यदि ठोस कारवाई नहीं की गई, तो बड़े पैमाने में आंदोलन किए जाने की हुंकार दी।

इस घटना पर चिंता जताते हुए अखिल असम छात्र संघ (आसू) की तिनसुकिया जिला समिति के अध्यक्ष प्रतीम नेउग ने भी वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण रखने और सड़क सुरक्षा में सुधार लाने के लिए तत्काल पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की।उसने कहा कि मानव जीवन अनमोल है। बाईपास पर भविष्य में जनहानि को रोकने के लिए अधिकारियों को तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। आटसा दुमदुमा आंचलिक सचिव योगेश्वर नन्द तिनसुकिया जिला अध्यक्ष जगत नायक बारम्बार हो रही सड़क दुघर्टना पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए अन्यथा संस्था गणतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।

मालूम हो कि इस वर्ष बाईपास में सड़क हादसे में दर्जनों लोगों की जान चली गई है।

सामडांग बाईपास पर हुई इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों के बीच आक्रोश  बढ़ा दिया है। स्थानीय निवासी भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं और मौतों को रोकने के लिए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।समाचार  लिखे जाने तक सड़क जाम बदस्तूर जारी है।

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