राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) का पालन करने और निर्धारित समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आह्वान
शिलचर, 23 अक्टूबर। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), शिलचर की 67वीं बैठक शुक्रवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) शिलचर के नए अतिथि गृह सभागार में आयोजित हुई। बैठक में केंद्रीय सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन, निर्धारित नियमों के अनुपालन तथा राजभाषा संबंधी छमाही रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने सभी संबंधित कार्यालयों से राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित प्रारूप में राजभाषा संबंधी विवरण और रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने का आग्रह किया। साथ ही, कार्यालयों में छमाही के दौरान किए गए राजभाषा संबंधी कार्यों का प्रमाण सहित विवरण तैयार रखने और स्वीकृत एवं वर्तमान में कार्यरत कार्मिकों की संख्या से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता नराकास शिलचर के अध्यक्ष एवं एनआईटी शिलचर के निदेशक प्रोफेसर दिलीप कुमार वैद्य ने की। मंचासीन अतिथियों में राजभाषा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय, पूर्वोत्तर क्षेत्र के उपनिदेशक राजीव कुमार नायक, नराकास के सदस्य सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक विनोद कुमार दे तथा केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील कुमार गुप्ता शामिल थे।
बैठक में एनआईटी शिलचर के डॉ. सौरभ वर्मा, असम विश्वविद्यालय के डॉ. सुरेंद्र उपाध्याय तथा केंद्रीय विद्यालय, मासिमपुर के प्रधानाचार्य डॉ. हरपाल सिंह सहित विभिन्न केंद्रीय संस्थानों एवं कार्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पावरग्रिड के शिलचर, बदरपुर और जिरीबाम प्रतिष्ठानों की ओर से शिलचर समूह प्रमुख एवं प्रभारी उप महाप्रबंधक (डीजीएम) अनिंद्य देबलस्कर ने भी भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कार्यालयों एवं संस्थानों में राजभाषा नीति के प्रभावी अनुपालन को प्रोत्साहित करना, हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना तथा राजभाषा संबंधी कार्यों की नियमित समीक्षा के माध्यम से कार्यान्वयन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना रहा। वक्ताओं ने इस दिशा में सभी सदस्य कार्यालयों से सक्रिय सहयोग एवं निर्धारित दायित्वों के समयबद्ध निर्वहन की अपेक्षा व्यक्त की।