देवी प्रतिमा विसर्जन के साथ शारदीय दुर्गोत्सव संपन्न।

दुमदुमा सम-जिले में 58 पूजा मंडपों में शांति।पूर्ण ढंग से संपन्न हुआ दुर्गा पूजा।

दुमदुमा, प्रेरणा भारती 22 अक्टूबर: मां दुर्गा के आगमन के साथ शुरू हुए पांच दिवसीय शारदीय दुर्गोत्सव का मंगलवार की शाम विजयादशमी के अवसर पर देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ समापन हो गया। हालांकि, इस वर्ष सप्तमी तिथि दो दिनों तक रहने के कारण पारंपरिक पांच दिवसीय दुर्गोत्सव छह दिनों तक चला। मां दुर्गा को विदाई देते समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

पिछले शुक्रवार की शाम बेलबोधन और देवी के आवाहन के साथ षष्ठी की वेदी पर मां दुर्गा की स्थापना की गई थी। इसके बाद शनिवार और रविवार को सप्तमी पूजा, सोमवार को अष्टमी तथा मंगलवार को नवमी की पूजा संपन्न हुई। विजयादशमी के दिन सुबह विभिन्न पूजा मंडपों में दशमी की पूजा के बाद अपराजिता पूजा आयोजित की गई।

इस अवसर पर महिलाओं ने परंपरा के अनुसार एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर खेला में भाग लिया। सिंदूर के रंगों से सजे पूजा मंडपों में नृत्य और गीत के बीच महिलाओं ने उत्साहपूर्वक विजयादशमी मनाई। इस दौरान शक्ति, मंगलकामना और आपसी सौहार्द का सुंदर दृश्य देखने को मिला।

मां दुर्गा की पूजा बुराई पर अच्छाई की विजय तथा असत्य पर सत्य की स्थापना का संदेश देती है। प्रतिमा विसर्जन के साथ भले ही उत्सव का समापन हो गया, लेकिन श्रद्धालुओं के मन में मां के प्रति आस्था और अगले वर्ष उनके पुनः आगमन की प्रतीक्षा बनी हुई है।

इस वर्ष तिनसुकिया जिले के दुमदुमा सम-जिला में कुल 58 पूजा मंडपों में दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया। पूजा के सभी दिनों में मंडपों में श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई। विशेषकर अष्टमी और नवमी की रात दुमदुमा शहर में भारी जनसमागम के कारण उत्सव का उल्लास चरम पर पहुंच गया।

दुर्गोत्सव के दौरान दुमदुमा सम-जिले में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। उत्सव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुमदुमा उप-जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और दुमदुमा नगरपालिका की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।

समाचार लिखे जाने तक दुमदुमा नदी में देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन जारी था। इसी के साथ दुमदुमा सम-जिला- में इस वर्ष के शारदीय दुर्गोत्सव का समापन हो गया। इस अवसर पर दुमदुमा विधायक रूपेश ग्वाला ने विसर्जन घाट पर मौजूद रहे। इस बार मछुआ पट्टी घाट कुम्हार पट्टी घाट कोइलिया पानी घाट पर विसर्जन की व्यवस्था किया गया था। प्रशासन जी सी बी गाड़ी की व्यवस्था से प्रतीमा विसर्जन में व्यवहार किया। नदी में किसी भी श्रद्धालु को उतरने नहीं दी। दुमदुमा सम-जिला आयुक्ता नुजहत नसरीन दुमदुमा सम-जिला सह आयुक्त कृतार्थ नेउग दुमदुमा सम-जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत दत्त दुमदुमा थाना प्रभारी मनोजल गोगोई एवं पुलिस तथा सीआरपीएफ ने देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान तत्पर दिखाई दिया।

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