सप्तमी से दशमी तक उत्सव का उल्लास; बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ पांच दिवसीय दुर्गापूजा समारोह
गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 22 अक्टूबर। रामकृष्णनगर उपजिले के विभिन्न क्षेत्रों में पांच दिवसीय शारदीय दुर्गोत्सव उत्साह, उमंग और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। सप्तमी से दशमी तक शहर, गांव और चाय बागान क्षेत्रों के विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस बार दुर्गापूजा के दौरान मौसम भी अनुकूल रहा और बारिश नहीं होने से लोगों ने उत्सव का भरपूर आनंद उठाया।
इस वर्ष सप्तमी तिथि दो दिनों तक रहने के कारण बंगाली हिंदू समुदाय में विशेष उत्साह देखने को मिला। सप्तमी से नवमी तक विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं, अष्टमी से दशमी तक रामकृष्णनगर शहर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उपजिले में लगभग 300 से अधिक दुर्गापूजा आयोजित की गईं।
रामकृष्णनगर सर्किल के अंतर्गत इस बार महिलाओं द्वारा संचालित दो दुर्गापूजाओं का आयोजन विशेष आकर्षण रहा। इनमें गांधी नगर की ‘आमरा सभी मातृदल’ तथा चांदखानी क्षेत्र की पूजा शामिल हैं। विभिन्न पूजा मंडपों में महाप्रसाद वितरण के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। दशमी के दिन प्रतिमा विसर्जन से पहले महिलाओं ने मां दुर्गा के चरणों में सिंदूर अर्पित कर आशीर्वाद लिया और पारंपरिक सिंदूर खेला में भाग लिया।
रामकृष्णनगर क्षेत्र के तीन पूजा मंडपों ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इनमें स्टूडेंट्स यूनियन, बृहत्तर बालिछड़ा दुर्गापूजा कमेटी और दुर्लभछड़ा दशभुजा संघ शामिल हैं। उपजिले में बड़े बजट की पूजा कम होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उत्सव का उत्साह देखते ही बना। षष्ठी से अष्टमी तक कई क्लबों और मंदिरों की ओर से जरूरतमंद लोगों के बीच वस्त्र भी वितरित किए गए।
हर वर्ष की तरह इस बार भी दशमी के अवसर पर रामकृष्णनगर खेल मैदान में मेले का आयोजन किया गया। मेले में छोटी-बड़ी अनेक दुकानें लगीं, जहां स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से आए लोगों ने भी खरीदारी और मनोरंजन का आनंद लिया। वहीं, दशमी के अवसर पर निभिया क्षेत्र में रावण के पुतले का दहन किया गया।
प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्था की गई थी। रात साढ़े दस बजे तक रामकृष्णनगर उपजिले के सभी क्षेत्रों में विसर्जन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। विसर्जन के बाद विभिन्न पूजा मंडपों में पुरोहितों ने शांति मंत्र का पाठ किया और श्रद्धालुओं पर पवित्र जल छिड़ककर शांति एवं मंगलकामना की।
इस वर्ष पूरे उपजिले में दुर्गापूजा के दौरान न तो कोई अप्रिय घटना हुई और न ही चोरी की कोई घटना सामने आई। जिला आयुक्त नीलोत्पल पाठक, सर्किल अधिकारी अंतरा पाल, सीडीएसपी अंशुल शर्मा तथा थाना प्रभारी प्रियब्रत शर्मा के नेतृत्व में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दुर्गोत्सव को बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।