डिब्रूगढ़: नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के तहत सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डिब्रूगढ़ के नंदलाल बोरगोहेन सिटी कॉलेज में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों के सेवन के खतरों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त समाज के निर्माण को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत और असम के राज्य गीत के गायन से हुई। बाल विकास परियोजना अधिकारी रीना हजारिका ने स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में कई विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे और नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के साथ-साथ नशे की रोकथाम तथा पुनर्वास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इनमें असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक तथा मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. ध्रुवज्योति भुइयां, डिब्रूगढ़ की अनुभवी मनोचिकित्सक एवं परामर्शदाता डॉ. पिंकी पोद्दार तथा असम राज्य एड्स नियंत्रण समिति की अधिकारी मनीषा बरुआ और अनाक्लिन खातून शामिल थीं।
समाज कल्याण विभाग के प्रसनजीत सेन शर्मा ने उपस्थित लोगों को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई। उन्होंने समाज से नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाओं, बाल विकास परियोजना अधिकारी इंद्राणी बरठाकुर, जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, जिला महिला सशक्तीकरण केंद्र के कर्मचारियों, पोषण अभियान से जुड़े कर्मियों, मुख्य सेविकाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति उनकी समझ विकसित करने के उद्देश्य से मौके पर ही एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के बीच संवाद सत्र आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने नशे की लत और उसकी रोकथाम से संबंधित अपने प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की।
धन्यवाद ज्ञापन के बाद राष्ट्रगान के साथ जागरूकता कार्यक्रम का समापन हुआ।