किसान नेता राकेश टिकैत की बिहार सरकार को चेतावनी ,सर्किल रेट बढ़ेगी, तभी टाउनशिप की जमीन मिलेगी

अनिल मिश्र/ पटना

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बिहार सरकार को सर्किल रेट बढ़ाने के बाद ही सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन लेने की मांग की है।इस बीच उन्होंने बिहार में सम्राट चौधरी सरकार को चेतावनी दी है कि अगर पुराने सर्किल रेट पर ही जमीन अधिग्रहण हुआ तो बिहार में बड़ा आंदोलन होगा। दरअसल आज बुधवार को नवादा जिले के नारदीगंज स्थित मधुवन-मोतनाजे में आयोजित किसान महापंचायत को राकेश टिकैत संबोधित करने के दौरान उक्त बातें कही।इस बीच उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन छीनकर उन्हें शहर भेजकर मजदूर बनाने की बड़ी साजिश रची जा रही है।राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि दिल्ली और पटना की कलम बेईमान है, जो किसानों को यह समझाने में लगी है कि खेती घाटे का सौदा है। उन्होंने कहा कि बिहार से धान 800 रुपये और 1200 रुपये प्रति क्विंटल तथा मक्का 1400 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदकर व्यापारी ले जाते हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने के कारण अकेले बिहार के किसानों को हर साल 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसानों को कुल 14 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं राकेश टिकैत ने प्रशासन, सरकार और व्यवस्था के साथ ही कॉर्पोरेट्स पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ​गांव के लोगों को कहा जा रहा है जमीन नुकसान देती है, आप शहर में चले जाओ, नौकरी करो। फिर दिल्ली और मुंबई के बड़े-बड़े लोगों को कहा जा रहा है कि गांव की जमीन खरीद लो। मुंबई के लोग आएंगे, यहां पर जमीन खरीदेंगे उनको फायदा होगा। लेकिन जो इसी गांव के लोग रहने वाले हैं, अपने ही खेत में जिसने पीढ़ी-दर-पीढ़ी काम किया, उसको भारी नुकसान है।इस बीच उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलन को मजबूत करने के लिए महिलाओं को ट्रैक्टर चलाने की ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया ताकि वे भी लड़ाई में उतर सकें। ​उन्होंने जोश भरते हुए कहा कि देश में अगला युद्ध ट्रैक्टर, जेसीबी और भारी मशीनरी का होगा और इस युद्ध में जीत किसान की ही होगी। ​राकेश टिकैत ने किसानों से एकजुट रहकर अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष करने की अपील की। बिहार प्रदेश के नवादा जिले के नारदीगंज स्थित मधुवन -मोतनाजे में आयोजित किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने ​उन्होंने बिहार प्रदेश के अधिकारियों और तमाम जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि साल 2013 के बाद से बिहार में सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। ​टिकैत ने स्पष्ट मांग रखी कि सबसे पहले सर्किल रेट को दो गुना किया जाए। बढ़ाए गए सर्किल रेट या बाजार भाव में से जो भी अधिक हो, उसका चार गुना मुआवजा दिए जाने के बाद ही किसान अपनी जमीन देंगे। ​उन्होंने किसानों से कहा कि मुआवजा और उचित दर तय होने से पहले अपने खेतों पर प्रशासन को कोई काम न करने दें और संघर्ष जारी रखें।

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