काजीरंगा: असम का प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व शनिवार को २०२६-२७ पर्यटन सत्र के लिए पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया। पहले दिन से ही जीप सफारी शुरू कर दी गई, जबकि हाथी सफारी अगले १० से १५ दिनों के भीतर शुरू होने की संभावना है।
पुनः उद्घाटन समारोह में असम के वन मंत्री जयंत मल्लबरुआ और मंत्री अतुल बोरा के साथ वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर वन मंत्री जयंत मल्लबरुआ ने कहा कि राज्य के वार्षिक पर्यटन कैलेंडर के तहत हर वर्ष अक्टूबर में काजीरंगा को पर्यटकों के लिए खोला जाता है। उन्होंने कहा कि पार्क में कुछ तैयारियां अभी बाकी हैं, लेकिन जीप सफारी शुरू कर दी गई है और अगले १०-१५ दिनों में हाथी सफारी भी शुरू होने की उम्मीद है।
मल्लबरुआ ने कहा कि काजीरंगा में हर वर्ष पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उम्मीद है कि नए पर्यटन सत्र में राष्ट्रीय उद्यान एक बार फिर अपना ही पर्यटन रिकॉर्ड तोड़ेगा।
उन्होंने काजीरंगा के स्थानीय लोगों और हितधारकों के प्रयासों की भी सराहना की। मंत्री के अनुसार, स्थानीय हितधारकों के सहयोग से राष्ट्रीय उद्यान के आसपास पर्यटकों के अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, जिसके कारण यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
काजीरंगा में २०२५-२६ पर्यटन सत्र के दौरान विदेशी पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई थी। ३१ मार्च २०२६ तक कुल ३०,४७४ विदेशी पर्यटकों ने राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। यह संख्या २०२४-२५ पर्यटन सत्र में दर्ज १७,६९३ विदेशी पर्यटकों की तुलना में काफी अधिक थी।
पुनः उद्घाटन समारोह के बाद वन मंत्री जयंत मल्लबरुआ और मंत्री अतुल बोरा ने राष्ट्रीय उद्यान के भीतर जीप सफारी भी की।
सफारी के दौरान वन मंत्री ने कहा कि काजीरंगा में प्रवेश करने पर आमतौर पर गैंडे, हिरण और पक्षी देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने पहली बार एक सफेद हिरण देखा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए पर्यटन सत्र में काजीरंगा पर्यटन के क्षेत्र में और आगे बढ़ेगा।
वन मंत्री ने पिछले करीब डेढ़ दशक में गैंडा शिकार में आई भारी कमी को असम के प्रमुख संरक्षण प्रयासों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के विशेष उपायों के चलते गैंडा शिकार की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है और यह राज्य के लिए बड़ी संरक्षण उपलब्धि है।
काजीरंगा के नए पर्यटन सत्र के शुरू होने के साथ ही जीप सफारी के जरिए पर्यटकों का प्रवेश शुरू हो गया है। वहीं, हाथी सफारी शुरू होने की प्रतीक्षा भी जल्द समाप्त होने की उम्मीद है। अधिकारी पिछले पर्यटन सत्र की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।