जोरहाट: जोरहाट में नवनिर्मित एकीकृत जिला आयुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बाल संरक्षण तंत्र और पहलों की समीक्षा करते हुए उन्हें और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता जोरहाट की जिला आयुक्त जय शिवानी ने की। इस दौरान चल रहे बाल संरक्षण कार्यक्रमों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, जमीनी स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों तथा बाल संरक्षण सेवाओं को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक में बाल संरक्षण पहलों को जमीनी स्तर तक विस्तारित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए गांव, वार्ड और प्रखंड स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण एवं उत्पीड़न, पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध, बाल तस्करी, लापता बच्चों और बाल अधिकारों से संबंधित जागरूकता एवं रोकथाम के उपायों पर भी चर्चा की गई। आम जनता को उपलब्ध बाल संरक्षण सेवाओं, विशेष रूप से चाइल्ड हेल्पलाइन १०९८, के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया।
जोरहाट में समुदाय आधारित बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने के प्रयासों के तहत बैठक के दौरान एनईएआईडी द्वारा शुरू किए गए ‘कवच’ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
एनईएआईडी के प्रतिनिधियों ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जमीनी स्तर पर कार्यरत हितधारकों को सशक्त बनाने और उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाए जाएंगे। ब्लॉक चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियों और विलेज लेवल चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियों को सक्रिय करने को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की समय पर पहचान, रिपोर्टिंग और तत्काल कार्रवाई के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को बेहतर बनाया जाएगा।
एनईएआईडी ने बताया कि जोरहाट में ‘कवच’ कार्यक्रम की सभी गतिविधियां जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ प्रत्यक्ष समन्वय और परामर्श से संचालित की जाएंगी, ताकि इन्हें जिले में पहले से मौजूद बाल संरक्षण व्यवस्था के साथ प्रभावी रूप से जोड़ा जा सके।
जिला आयुक्त जय शिवानी ने नगरपालिका एवं शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों के गठन और उन्हें मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में मौजूदा ग्राम एवं प्रखंड स्तर की व्यवस्थाओं के साथ-साथ वार्ड स्तर पर भी बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में अपर जिला आयुक्त सुल्ताना अख्तरा अहमद, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, उप पुलिस अधीक्षक, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं श्रम विभागों के अधिकारी, प्रखंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, कार्यपालक अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के सदस्य, जिला बाल संरक्षण अधिकारी तथा बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।