शिलचर, 30 सितंबर: महर्षि सान्दीपनि वेद विद्या संस्थान के तत्वावधान तथा गुरूचरण विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के संयोजन में 22 से 29 सितंबर तक आयोजित सप्तदिवसीय वेद ज्ञान सप्ताह का मंगलवार को विधिवत समापन हुआ। बिना किसी आडंबर के आयोजित इस ज्ञानपरक कार्यक्रम में सात विशिष्ट विद्वानों ने वैदिक ज्ञान, भारतीय ज्ञान-परंपरा एवं शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में असम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गोविंद शर्मा उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ, विभिन्न विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं शोधार्थी भी समारोह में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरूचरण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निरंजन राय ने की।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। संस्कृत विभाग की छात्रा अनिषा दत्त ने दीप प्रज्वलन मंत्र का पाठ किया तथा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद संस्कृत विभाग के कार्यवाहक विभागाध्यक्ष एवं वेद ज्ञान सप्ताह के संयोजक डॉ. केशव लुइटेल ने स्वागत भाषण दिया।
समापन समारोह का प्रमुख आकर्षण वैदिक प्रदर्शनी रही। इसमें वेद तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा से संबंधित विभिन्न शैक्षणिक एवं ज्ञानवर्धक विषयों को प्रदर्शित किया गया। कुलपति प्रो. निरंजन राय ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत महत्वपूर्ण सामग्री को विद्यार्थियों के भविष्य के अध्ययन के लिए विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में भारतीय ज्ञान-परंपरा के हिस्से के रूप में संरक्षित करने का सुझाव दिया।
शैक्षणिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ ने विश्वविद्यालय में एक पृथक वैदिक संगठन गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस संगठन के माध्यम से वेदों को केंद्र में रखकर नियमित रूप से शैक्षणिक चर्चाएं, व्याख्यान एवं अन्य गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं, जिससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को लाभ मिलेगा।
मुख्य अतिथि प्रो. गोविंद शर्मा ने भविष्य में वैदिक मंत्रों के शुद्ध उच्चारण, स्वर एवं पाठ-पद्धति पर आधारित सात दिवसीय वैदिक कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशाला से विद्यार्थियों को वैदिक मंत्रों के सही उच्चारण एवं पारंपरिक पाठ-विधि का गहन ज्ञान प्राप्त होगा।
इस अवसर पर संस्कृत विभाग की छात्राओं ने सामूहिक संगीत प्रस्तुत किया। इसके बाद संस्कृत विभाग के अतिथि प्राध्यापक डॉ. भृगु राजखोवा ने वेद ज्ञान सप्ताह के दौरान आयोजित सातों दिनों के कार्यक्रमों एवं विभिन्न वक्ताओं के व्याख्यानों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए उनके शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला।
अंत में डॉ. भृगु राजखोवा ने समारोह में उपस्थित अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं एवं शोधार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कल्याण मंत्र के पाठ के साथ सप्तदिवसीय वेद ज्ञान सप्ताह के समापन समारोह का विधिवत समापन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन गुरूचरण विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की शोधार्थी शतरूपा भट्टाचार्य ने किया।