डिब्रूगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस मनाया गया

[२८ सितंबर से १२ अक्टूबर तक चलेगा पखवाड़ा जागरूकता अभियान]

डिब्रूगढ़: जिला स्वास्थ्य समिति, डिब्रूगढ़ के तत्वावधान में डिब्रूगढ़ राज्य अस्पताल में जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस मनाया गया। इस वर्ष का विषय “सामूहिक प्रयास से सभी के लिए विकल्प और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना” रखा गया।

कार्यक्रम में संयुक्त स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. तृष्णा बोरा ने सुरक्षित गर्भपात सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुरक्षित और कानूनी गर्भपात सेवाएं महिलाओं के जीवन, स्वास्थ्य, गरिमा और शारीरिक स्वायत्तता की रक्षा के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि विश्वभर में हर वर्ष लगभग ७ करोड़ ३० लाख गर्भपात होते हैं, जिनमें करीब ४५ प्रतिशत असुरक्षित तरीके से किए जाते हैं। असुरक्षित गर्भपात मातृ मृत्यु के ८ से १३ प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है और इससे अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण तथा भविष्य में गर्भधारण से संबंधित जटिलताएं हो सकती हैं।

नाहरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की उप-अधीक्षक डॉ. पापरी सैकिया ने व्यापक गर्भपात देखभाल यानी समग्र गर्भपात देखभाल (सीएसी) के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसका अर्थ केवल गर्भपात कराना नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण स्वास्थ्य सेवा पैकेज है। इसमें सही जानकारी एवं सहानुभूतिपूर्ण परामर्श, दवाओं तथा शल्य चिकित्सा पद्धतियों से गर्भपात प्रबंधन, गर्भपात के बाद देखभाल, जटिलताओं का उपचार, परिवार नियोजन संबंधी परामर्श और सेवाएं तथा गोपनीय एवं सम्मानजनक देखभाल शामिल हैं।

मोरान तिलौई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उप-अधीक्षक डॉ. एस. एम. आई. कबीर ने आशा कार्यकर्ताओं को सुरक्षित गर्भपात सेवाओं के महत्व, समग्र गर्भपात देखभाल, आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा चिकित्सीय गर्भसमापन अधिनियम, १९७१ और इसके २०२१ के संशोधन की प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने चिकित्सीय गर्भसमापन नियमों तथा २०२१ और २०२४ के संशोधनों, संशोधित दस्तावेजी प्रपत्रों के सही उपयोग और संबंधित कानूनों की भी जानकारी दी।

लाहोवाल खंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की अनुमंडल स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीनू सावंची ने आशा कार्यकर्ताओं से सुरक्षित गर्भपात के संबंध में समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान जिले में समग्र गर्भपात देखभाल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एस. एम. आई. कबीर और डॉ. पापरी सैकिया को जिला स्वास्थ्य समिति, डिब्रूगढ़ की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार, २८ सितंबर से १२ अक्टूबर २०२६ तक जिले में पखवाड़ा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सरकारी अस्पतालों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, ग्राम एवं शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस बैठकों, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति की बैठकों, मोबाइल मेडिकल इकाइयों तथा चाय बागान क्षेत्रों में विशेष जागरूकता एवं संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के माध्यम से लोगों को सुरक्षित गर्भपात की निःशुल्क, गोपनीय और कानूनी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम में संयुक्त स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. तृष्णा बोरा, डॉ. बीनू सावंची, डॉ. एस. एम. आई. कबीर, डॉ. पापरी सैकिया, जिला मीडिया विशेषज्ञ डेज़ी गोगोई, जिला महामारी विज्ञानी मैत्रेयी लाहन, आईडीएसपी डाटा प्रबंधक मनीषा कलिता, डिब्रूगढ़ राज्य अस्पताल के एबीपीएम बसंत बरदलै, लेखा सहायक विष्णु घोषाल सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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