श्रीभूमि के इतिहास में अभूतपूर्व घटना: 15 साल बाद तीन कब्रें खोदकर अवशेष जुटाए गए

लापता व्यक्ति की पहचान की उम्मीद, डीएनए जांच से सुलझेगा रहस्य

श्रीभूमि, 16 सितंबर: करीमगंज তথা श्रीभूमि जिले के इतिहास में एक असाधारण घटना सामने आई है। करीब 15 वर्ष पहले लापता हुए एक व्यक्ति का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया था। मामले की जांच के क्रम में अदालत के निर्देश पर करीमगंज शहर के सदर कब्रिस्तान में दफन तीन अज्ञात शवों की कब्रें खोलकर उनके अवशेष एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

जानकारी के अनुसार, लगभग 15 वर्ष पहले सदर कब्रिस्तान में तीन अज्ञात मृतकों को दफनाया गया था। आशंका व्यक्त की जा रही है कि इनमें से किसी एक का संबंध त्रिपुरा के ‘सोम’ उपनाम वाले एक लापता व्यक्ति से हो सकता है। इसी आशंका के आधार पर अदालत के निर्देश के बाद कब्रों को खोला गया और दफन अवशेषों को वैज्ञानिक जांच के लिए एकत्र किया जा रहा है।

बताया गया है कि बरामद अवशेषों की वैज्ञानिक जांच तथा डीएनए परीक्षण के माध्यम से उनकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। जांच के परिणाम सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से कोई अवशेष लंबे समय से लापता व्यक्ति के हैं या नहीं।

15 वर्ष पुराने कब्रों को खोलकर अवशेष जुटाए जाने की घटना से इलाके में व्यापक चर्चा और उत्सुकता का माहौल है। लंबे समय से लापता व्यक्ति की पहचान और उससे जुड़े रहस्य को सुलझाने में यह वैज्ञानिक जांच महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

हालांकि, डीएनए और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों के परिणाम आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है। अब जांच एजेंसियों के साथ-साथ संबंधित परिवार और स्थानीय लोगों की नजरें परीक्षण रिपोर्ट पर टिकी हैं।

Leave a Comment