श्रीभूमि (करीमगंज): राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर सरस्वती विद्या निकेतन, श्रीभूमि (करीमगंज) में विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी एवं उसके विभिन्न अनुप्रयोगों पर एक विशेष एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सिलचर (NIT Silchar) के फैकल्टी डॉ. रंजय हज़रा द्वारा किया गया।
कार्यशाला का मुख्य विषय “Hands-on Training on Drone Technology and Related Applications” था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक एवं उभरती हुई तकनीक से परिचित कराना, उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करना तथा ड्रोन तकनीक की व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान करना था।
कार्यशाला के दौरान डॉ. रंजय हज़रा ने विद्यार्थियों को ड्रोन के मूलभूत सिद्धांत, संरचना, प्रमुख उपकरण, उड़ान संचालन, नियंत्रण प्रणाली तथा कार्यप्रणाली के बारे में सरल एवं रोचक ढंग से जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष प्रदर्शन एवं Hands-on Training के माध्यम से ड्रोन के संचालन और उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर ड्रोन टेक्नोलॉजी के वर्तमान एवं भविष्य के उपयोगों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि ड्रोन का उपयोग आज कृषि, सर्वेक्षण एवं मैपिंग, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, पर्यावरण संरक्षण, निर्माण कार्य तथा विभिन्न वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह और जिज्ञासा के साथ सहभागिता की। उन्होंने ड्रोन की कार्यप्रणाली एवं इसके भविष्य में संभावित उपयोगों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान किया गया। इस संवादात्मक एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण ने विद्यार्थियों के बीच आधुनिक तकनीक के प्रति विशेष रुचि उत्पन्न की।
इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच, नवाचार, समस्या-समाधान की क्षमता तथा भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी विकसित करती हैं।
राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं यादगार अनुभव रही। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा अन्य उभरती हुई तकनीकों के क्षेत्र में सीखने और भविष्य में नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
सरस्वती विद्या निकेतन, श्रीभूमि (करीमगंज) की यह पहल विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने तथा उन्हें भविष्य के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।