तिनसुकिया: असम के तिनसुकिया जिले में संगठित साइबर अपराध नेटवर्क में कथित संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने ११ युवकों को गिरफ्तार किया है। तिनसुकिया के अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) दिनेश प्रताप सिंह राठौर ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की उम्र २२ से ३१ वर्ष के बीच है। उन पर कथित तौर पर म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करने, साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त संदिग्ध धनराशि को एटीएम के जरिए निकालने तथा ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
अपर पुलिस अधीक्षक राठौर ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस को लंबे समय से विभिन्न तरीकों से संचालित एक संगठित साइबर अपराध नेटवर्क की जानकारी मिली थी। इसके बाद तिनसुकिया पुलिस की विभिन्न टीमों ने १० और ११ सितंबर की दरम्यानी रात अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर ११ लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों एवं निष्कर्षों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, विशिष्ट सूचना, प्रारंभिक जांच और तकनीकी खुफिया जानकारी के सत्यापन के बाद विभिन्न पुलिस टीमों ने समन्वित रूप से छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के कथित रूप से ऐसे नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जो म्यूल खातों के जरिए धनराशि प्राप्त करने और उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम करता था।
राठौर ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और हिसाब-किताब दर्ज करने वाली डायरियां भी जब्त की हैं।
म्यूल खाता ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति या समूह द्वारा धनराशि प्राप्त करने, स्थानांतरित करने या निकालने के लिए किया जाता है। कई मामलों में इसका उपयोग कमीशन के बदले धन के वास्तविक स्रोत या लाभार्थी को छिपाने के लिए किया जाता है।
जांचकर्ता जब्त किए गए मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों, बैंकिंग दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच कर रहे हैं, ताकि कथित साइबर धोखाधड़ी की रकम के प्रवाह का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार, कथित नेटवर्क के मास्टरमाइंड में से एक ३१ वर्षीय अमित सिंह को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने का प्रयास किया गया है। वहीं, अन्य आरोपियों को तिनसुकिया के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस संदिग्ध नेटवर्क के अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय संपर्क होने की भी आशंका है। जांच अब कथित मास्टरमाइंड, सहयोगियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के साथ-साथ इसके संचालन के दायरे तथा वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाने पर केंद्रित है।