।। बकाया रकम लौटाने के बहाने बुलाया, कारोबारी की खौफनाक हत्या!

।।दिनदहाड़े लापता हुए पवन जैन का बाथरूम से बोरे में बंद मिला शव।।

।।चार आरोपी गिरफ्तार, अदालत ने 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।।

लखीमपुर, 9 सितंबर 2026।

ढकुआखना नगर में प्रतिष्ठित व्यवसायी और समाजसेवी पवन जैन उर्फ पुनिया, उम्र 59 वर्ष, की हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार दोपहर दुकान से घर के लिए निकले पवन जैन अचानक लापता हो गए थे। देर रात उनका शव बालिगांव स्थित एक मकान के बाथरूम से बोरे में बंद अवस्था में बरामद किया गया।

मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनंजय साहू, उसकी पत्नी सीता साहू, पुत्र सूरज साहू और टेंपो चालक राजू सहानी के रूप में हुई है। बुधवार को चारों आरोपियों को ढकुआखना की अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

दुकान से निकले थे घर के लिए, रास्ते में हुए लापता

पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, पवन जैन मंगलवार दोपहर करीब 1 बजकर 5 मिनट पर अपने प्रतिष्ठित व्यावसायिक प्रतिष्ठान ‘प्रकाश क्लॉथ स्टोर’ से साइकिल लेकर भोजन करने के लिए घर रवाना हुए थे।

उनका घर बालिगांव में जैन मंदिर के समीप स्थित है। लेकिन करीब 1:30 बजे तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान पता चला कि उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो चुका था।

परिजनों ने दुकान पर मौजूद उनके बड़े भाई प्रकाश जैन से संपर्क किया। इसके बाद स्थानीय युवकों, व्यापारियों, रिश्तेदारों और पुलिस ने पवन जैन की तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बावजूद दिनभर उनका कोई सुराग नहीं मिला।

रात करीब 10 बजे घर के बाथरूम से मिला शव

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर ढकुआखना थाना प्रभारी प्रियव्रत गोगोई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की सहायता से बालिगांव निवासी धनंजय साहू के घर की तलाशी ली।

रात करीब 10 बजकर 10 मिनट पर तलाशी के दौरान मकान के बाथरूम से एक बोरा बरामद हुआ। बोरा खोलने पर उसमें पवन जैन का शव मिला।

शव बरामद होने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।

तीन लाख से अधिक की बकाया रकम बनी हत्या की कथित वजह?

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धनंजय साहू पर पवन जैन और उनके भाई की तीन लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया थी।

पुलिस का आरोप है कि धनंजय साहू ने बकाया रकम लौटाने के बहाने पवन जैन को अपने बालिगांव स्थित घर बुलाया था। आरोप के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद पवन जैन पर हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, इस वारदात में धनंजय साहू, उसकी पत्नी, पुत्र और टेंपो चालक की कथित भूमिका सामने आई है।

पूछताछ में हत्या की कथित कहानी सामने आई

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान धनंजय साहू ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और हत्या के लिए शिवसागर के एक व्यक्ति को जिम्मेदार बताया।

हालांकि, आगे की पूछताछ में पुलिस के मुताबिक घटना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।

पुलिस का दावा है कि धनंजय साहू ने पवन जैन के सिर पर पानी से भरी स्टील की बोतल से वार किया, जिसके बाद वह गिरकर बेहोश हो गए। इसके बाद पिता-पुत्र द्वारा कथित रूप से लकड़ी के पीढ़े और अन्य भारी सामान से हमला करने तथा गला दबाने की बात सामने आई है।

हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच, फॉरेंसिक साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

साइकिल के हिस्से छत पर छिपाने का भी आरोप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद पवन जैन के मोबाइल फोन को करीब 1:20 बजे बंद कर दिया गया था।

आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी साइकिल को खोलकर उसके अलग-अलग हिस्से मकान की छत पर छिपा दिए थे।

पुलिस के मुताबिक, शव को रात के समय चारिकोड़िया नदी में फेंककर साक्ष्य मिटाने की कथित योजना भी बनाई गई थी। इसके लिए टेंपो चालक का वाहन तैयार रखा गया था।

पुलिस का यह भी दावा है कि धनंजय साहू हत्या के बाद पवन जैन के घर के आसपास नजर रख रहा था और यह जानने की कोशिश कर रहा था कि परिवार या पुलिस को उनके लापता होने के संबंध में कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है या नहीं।

प्रतिष्ठित कारोबारी की हत्या से ढकुआखना में शोक और आक्रोश

पवन जैन को ढकुआखना क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित व्यवसायी, समाजसेवी और मृदुभाषी व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। उनकी हत्या की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

घटना के विरोध में ढकुआखना के व्यापारिक प्रतिष्ठान सुबह से शाम तक बंद रहे। स्थानीय लोगों और व्यापारिक समुदाय में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया।

विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं तेज जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

फिलहाल चारों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस हत्या के पीछे की पूरी वजह, प्रत्येक आरोपी की भूमिका, हत्या में इस्तेमाल कथित वस्तुओं तथा शव को ठिकाने लगाने की योजना समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।

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