शिलचर, 09 सितंबर 2026: केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, शिलचर में बुधवार को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ में मुख्य वक्ता मृदुल कांति दे का शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इसके पश्चात संस्थान के सहायक निदेशक एवं प्रभारी डॉ. आर. मुरुगेस्वरन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के सरल एवं अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया तथा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
सेंट कैपिटानियो स्कूल के अध्यापक श्री मृदुल कांति दे ने “राजभाषा हिंदी और उसकी उपयोगिता” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में हिंदी की उपयोगिता तथा प्रभावी संचार में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर श्रीमती पियाल दे, बहुकार्य कर्मचारी ने संस्थान के पंजीकरण एवं बाह्य रोगी विभाग में संचालित राजभाषा गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उजमा सिद्दीकी, वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता ने किया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथि वक्ता को स्मृति-चिह्न भेंट किया गया तथा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। डॉ. अब्दुल अलीम, अनुसंधान अधिकारी (यूनानी) एवं राजभाषा अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।