११२ वर्ष पुराने ‘रंगा भवन’ से होगी विदाई, चिनामारा में स्थानांतरित होगा जोरहाट जिला आयुक्त कार्यालय

जोरहाट: जोरहाट की ऐतिहासिक पहचान बन चुके ११२ वर्ष पुराने प्रतिष्ठित लाल ईंटों के भवन ‘रंगा भवन’ में अब जिला आयुक्त कार्यालय का संचालन बंद होने जा रहा है। जिला प्रशासन इस महीने के अंत तक चिनामारा स्थित नए एकीकृत कार्यालय परिसर में स्थानांतरित होने की तैयारी कर रहा है।

चिनामारा में नया कार्यालय परिसर लगभग तैयार हो चुका है और सितंबर के भीतर नए परिसर से प्रशासनिक कामकाज शुरू होने की संभावना है। कार्यालय के पुराने रिकॉर्ड और फाइलों को नए परिसर में स्थानांतरित करने का कार्य पहले ही शुरू हो चुका है।

जोरहाट के जिला आयुक्त जय शिवानी ऐतिहासिक रंगा भवन से कार्य करने वाले अंतिम जिला आयुक्त होंगे और नए कार्यालय परिसर से कामकाज शुरू करने वाले पहले जिला आयुक्त भी होंगे। उन्होंने इस बदलाव को गर्व और संयोग का विषय बताया, क्योंकि रंगा भवन का जोरहाट के प्रशासनिक इतिहास से लंबे समय से गहरा संबंध रहा है।

जिला प्रशासन के अनुसार, उपायुक्त कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के पुराने रिकॉर्ड पहले ही स्थानांतरित किए जा चुके हैं। वहीं, रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों के लिए आवश्यक फाइलों का निपटारा अभी मौजूदा कार्यालय से ही किया जा रहा है। इस स्थानांतरण प्रक्रिया में करीब २०० वर्ष पुराने रिकॉर्ड भी शामिल हैं। दस्तावेजों के खोने या गुम होने से बचाने के लिए अधिकारियों द्वारा व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड स्थानांतरित किए जा रहे हैं।

रंगा भवन का जोरहाट के इतिहास में विशेष महत्व है। वर्ष १९११ में जोरहाट अविभाजित शिवसागर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय बना था। इसके बाद वर्ष १९१२ में मुख्यालय को रंगपुर से जोरहाट स्थानांतरित किया गया। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान वर्तमान विक्टोरियन शैली के लाल ईंटों वाले भवन का निर्माण वर्ष १९१४ में पूरा हुआ था।

१ जुलाई १९८३ को जोरहाट के अलग जिला बनने के बाद भी यह ऐतिहासिक भवन जिला आयुक्त कार्यालय के रूप में कार्य करता रहा।

रंगा भवन स्थानीय लोगों के लिए भी भावनात्मक महत्व रखता है। ऊपरी असम के प्रशासनिक इतिहास से जुड़े इस भवन के साथ लोगों की लंबे समय से यादें जुड़ी हुई हैं। जिला आयुक्त न्यायालय के निकट होने के कारण प्रशासनिक कार्यों के लिए आने वाले लोगों के लिए भी यह स्थान सुविधाजनक रहा है।

हालांकि जिला आयुक्त कार्यालय अब चिनामारा स्थानांतरित हो जाएगा, लेकिन रंगा भवन के भविष्य को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस ऐतिहासिक इमारत को विरासत केंद्र या जिला संग्रहालय के रूप में संरक्षित किए जाने की संभावना है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी पहले रंगा भवन को संग्रहालय में बदलने की बात कह चुके हैं। हालांकि, भवन के भविष्य के उपयोग को लेकर अभी औपचारिक लिखित निर्देश मिलने का इंतजार है।

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