शिवसागर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया गया

शिवसागर: शिवसागर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस २०२६ के अवसर पर “अक्षरों से जीवन की ओर: लोगों, पृथ्वी और समृद्धि के लिए साक्षरता” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय की ‘संकल्प: जिला महिला सशक्तीकरण केंद्र’ (डीएचईडब्ल्यू) द्वारा किया गया।

भाषण प्रतियोगिता में कुल २० विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जबकि शिवसागर विश्वविद्यालय के १०० से अधिक विद्यार्थियों ने दर्शक के रूप में कार्यक्रम में भाग लेकर इसकी शोभा बढ़ाई।

शिवसागर जिले की सहायक आयुक्त एवं कार्यपालक दंडाधिकारी अन्वेषा ठाकुर ने कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।

शिवसागर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक रजिस्ट्रार त्रिदीप महंत, अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर शेषर डोले तथा प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रीतिशा कलिता ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया और साक्षरता के महत्व पर अपने विचार रखे।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में बीर लाचित बरफुकन कॉलेज के प्रोफेसर ध्रुवज्योति बोर्थाकुर, शिवसागर विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त प्रमुख प्रोफेसर डॉ. मायाश्री गोस्वामी तथा नामती के शहीद पीयाली फुकन कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर रमेन बरुआ शामिल थे।

कार्यक्रम का संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय के अंतर्गत पोषण अभियान की मिताली दत्ता ने किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने प्रभावशाली और विचारोत्तेजक भाषणों के माध्यम से साक्षरता, लोगों, सोचने के तरीकों तथा व्यक्ति और समाज की जिम्मेदारियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता में प्रार्थना दत्ता ने प्रथम स्थान हासिल किया। गौरांग ज्योति सैंडिकै और सुदेशना दास ने क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं शांति प्रिया गोगोई को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। विजेताओं को नकद पुरस्कार, प्रमाण-पत्र, पौधे और पुस्तकों के उपहार प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में ‘संकल्प: जिला महिला सशक्तीकरण केंद्र’ की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम में जिला मिशन समन्वयक बिदिशा दत्ता, जेंडर विशेषज्ञ इंद्रसी फुकन, रिजुमोनी गोगोई, वित्त सहायक अनंत कृष्ण राजखोवा, डाटा एंट्री ऑपरेटर मुमताज आरा बेगम तथा मल्टी-टास्किंग स्टाफ स्मृतिरखा दत्ता शामिल थे।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक पार्थ प्रतिम बोरा ने भी पूरे दिन चले इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम का समापन साक्षरता के महत्व पर नए सिरे से जोर देने के साथ हुआ। वक्ताओं ने साक्षरता को व्यक्तियों के सशक्तीकरण, समुदायों को मजबूत बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

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