२३ दिनों में २० चोटियों पर फतह: अरुणाचल के एनआईएमएएस ने लद्दाख में रचा पर्वतारोहण का इतिहास

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले के दिरांग स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (एनआईएमएएस) ने भारतीय पर्वतारोहण के इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय जोड़ दिया है। संस्थान के पर्वतारोहण दल ने लद्दाख में ६,००० मीटर से अधिक ऊंचाई वाली २० ऐसी चोटियों पर पहली बार सफल आरोहण किया, जिन पर इससे पहले कोई पर्वतारोही नहीं पहुंचा था। यह असाधारण अभियान महज २३ दिनों में पूरा किया गया।

इस अभियान का नेतृत्व एनआईएमएएस के निदेशक कर्नल रणवीर सिंह जामवाल ने किया। दल ने लद्दाख के दुर्गम और तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले इलाकों में कठिन पर्वतारोहण अभियान को अंजाम दिया। इस उपलब्धि को भारतीय पर्वतारोहण के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। साथ ही, यह पूर्वोत्तर भारत से आने वाली पर्वतारोहण टीमों की बढ़ती क्षमता और दक्षता को भी दर्शाता है।

एनआईएमएएस के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि संस्थान ने तीन वर्षों में लगातार तीसरा विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया है। इससे देश में साहसिक खेलों और पर्वतारोहण अभियानों के एक अग्रणी केंद्र के रूप में एनआईएमएएस की स्थिति और मजबूत हुई है।

एनआईएमएएस रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और इसका मुख्यालय अरुणाचल प्रदेश के दिरांग में स्थित है। संस्थान पर्वतारोहण, स्पोर्ट क्लाइंबिंग, पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, माउंटेन बाइकिंग, व्हाइट-वॉटर राफ्टिंग, कयाकिंग और स्कूबा डाइविंग सहित विभिन्न साहसिक खेलों में प्रशिक्षण और अभियान संचालित करता है।

इस ऐतिहासिक अभियान में अरुणाचल प्रदेश के कई पर्वतारोहियों और साहसिक खेलों से जुड़े कर्मियों ने भी हिस्सा लिया। इससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्वतारोहण और साहसिक अभियानों में स्थानीय प्रतिभाओं की बढ़ती भागीदारी को भी बल मिलता है।

एनआईएमएएस की इस उपलब्धि को अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर और देश के लिए गर्व का क्षण बताया जा रहा है। संस्थान के अनुसार, यह अभियान साबित करता है कि पूर्वोत्तर भारत में स्थित कोई संस्थान भी अत्यधिक ऊंचाई और कठिन परिस्थितियों में बेहद तकनीकी पर्वतारोहण अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित कर सकता है। साथ ही, ऐसे अभियान क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने के अवसर प्रदान करते हैं।

सिर्फ २३ दिनों में २० चोटियों का पहला सफल आरोहण कर एनआईएमएएस ने एक बार फिर यह साबित किया है कि ऊंचाई वाले पर्वतारोहण अभियानों में धैर्य, अनुशासन, टीमवर्क और तकनीकी दक्षता कितनी महत्वपूर्ण होती है। लद्दाख में मिली यह ऐतिहासिक सफलता अरुणाचल प्रदेश को साहसिक खेलों, पर्वतारोहण, अन्वेषण और युवा विकास के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Leave a Comment