डिब्रूगढ़ में ६५वां शिक्षक दिवस जिला स्तरीय केंद्रीय कार्यक्रम आयोजित

डिब्रूगढ़: डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त आयोजन में ६५वें शिक्षक दिवस का जिला स्तरीय केंद्रीय कार्यक्रम डिब्रूगढ़ जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के जागृति सभागार में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में समाज के निर्माण और भावी पीढ़ी के भविष्य को आकार देने में शिक्षकों के योगदान, समर्पण और महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानपूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (शिक्षा) समुज्ज्वल बोरा द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

विद्यालय निरीक्षक कविता डेका ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के नामित वक्ता एवं डिब्रूगढ़ हनुमानबक्स सूरजमल कानोई कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. खनिंद्र मिश्रा भागवती ने शिक्षक दिवस के महत्व तथा शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सेवानिवृत्त शिक्षक परिमल मुखर्जी, डिब्रूगढ़ जिला सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. नियोट वेंगकेन तथा सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (शिक्षा) समुज्ज्वल बोरा ने भी सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, नैतिक मूल्यों के विकास तथा युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट योगदान के लिए विशिष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल वरिष्ठ शिक्षक पुरस्कार रोंगचोंगी प्राथमिक विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधान शिक्षक गुनामा राजखोवार को प्रदान किया गया।

जिला सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार निम्नलिखित शिक्षकों को प्रदान किए गए—

१. मानस ज्योति हजारिका — सहायक शिक्षक, पीएम श्री बाकुल हाई स्कूल।
२. रिजु कुमार छुतिया — स्नातकोत्तर शिक्षक, पीएम श्री रहमोरिया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय।
३. मंटू गोगोई — सहायक शिक्षक, भरालुआ प्राथमिक विद्यालय।

कार्यक्रम का संचालन नीलाभ नयन बरदोलोई ने किया।

जिला स्तरीय केंद्रीय शिक्षक दिवस समारोह शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर बना। साथ ही, कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र को और अधिक मजबूत, गतिशील एवं प्रगतिशील बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

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