शिलचर, 4 सितंबर। बेरेंगा द्वितीय खंड निवासी साद्दाम हुसैन मजूमदार की पत्नी मुमिना बेगम बरभुइयां ने अपने पति के साथियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे अवैध रूप से लोगों से धन जुटाने तथा विभिन्न असामाजिक गतिविधियों में कथित रूप से शामिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब वे खुद को बचाने के लिए उनके पति पर एकतरफा आरोप लगा रहे हैं।
उत्तर कृष्णपुर स्थित अपने मायके में रह रहीं मुमिना बेगम ने हाल में प्रकाशित एक समाचार का खंडन करते हुए कहा कि कुछ युवकों ने आरोप लगाया था कि उनके पति साद्दाम हुसैन कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर कई लोगों से पैसे लेते थे। आरोप है कि रकम वापस नहीं करने पर दर्ज मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा और जेल से बाहर आने के बाद वे पैसे लौटाने के डर से फरार हो गए। कुछ युवकों ने कथित धन गबन के मामले में मुमिना बेगम और उनके मायके के लोगों पर भी आरोप लगाए थे।
इन आरोपों को खारिज करते हुए मुमिना बेगम ने दावा किया कि स्थानीय निवासी आबिद लस्कर, बापन मजूमदार, रिपन मजूमदार, आरिफ, एनामुल सहित कई युवक उनके पति के करीबी साथी थे। उनके अनुसार, ये लोग लोगों को भ्रमित कर कथित रूप से अवैध तरीके से धन जुटाने, जुआ खेलने सहित विभिन्न असामाजिक गतिविधियों में उनके पति के साथ शामिल थे।
मुमिना बेगम ने बताया कि पति की कथित असामाजिक गतिविधियों और अत्याचार से परेशान होकर वह अपने छोटे बच्चे के साथ काफी समय पहले मायके चली आई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने शिलचर अदालत में विवाह-विच्छेद के लिए आवेदन किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि साद्दाम हुसैन के साथ काम करने वाले युवक अब अपने ऊपर आने वाली संभावित कार्रवाई से बचने के लिए सारा दोष उनके पति पर डाल रहे हैं। मुमिना बेगम का कहना है कि पुलिस प्रशासन यदि संबंधित युवकों से पूछताछ करे तो मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
मुमिना बेगम ने इस मामले में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।