राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC): युवाओं का सशक्तीकरण और राष्ट्र निर्माण

जब मुझे यह एहसास हुआ कि राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के बारे में लोगों को कितनी कम जानकारी और समझ है, तभी मैंने इस लेख को लिखने के बारे में सोचा। लगभग हर समारोह में, जिसमें मैं शामिल हुआ, या हर बातचीत में, एक जैसे प्रश्न बार-बार सामने आते रहे—‘ओह, NCC! क्या यह सेना का हिस्सा है? आप इसमें क्या करते हैं? इसमें शामिल होने से बच्चों को क्या लाभ होता है? आपका संगठन किस प्रकार है? क्या बच्चों को प्रशिक्षण के लिए धन देना पड़ता है?’ और भी बहुत कुछ…

मुझे ये प्रश्न सरल लगते हैं, लेकिन फिर भी वे बेहद स्वाभाविक और महत्वपूर्ण हैं। मेरा मानना है कि इनके उत्तर अवश्य दिए जाने चाहिए! इसलिए प्रस्तुत है NCC का एक संक्षिप्त परिचय—हमारे राष्ट्र के युवाओं के लिए समर्पित एक अद्वितीय, स्वैच्छिक और वर्दीधारी संगठन।

विकास एवं संगठन

हमारी विरासत वर्ष 1917 से जुड़ी है, जब ब्रिटिश सरकार ने युद्धकाल में जनशक्ति की कमी को पूरा करने के लिए भारतीय रक्षा अधिनियम के अंतर्गत यूनिवर्सिटी कॉर्प्स का गठन किया था। वर्ष 1948 में राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम के माध्यम से NCC को वर्तमान स्वरूप और एक बिल्कुल अलग उद्देश्य मिला—सशस्त्र सेनाओं के लिए “भर्ती का माध्यम” बनने के बजाय इसे “रक्षा की दूसरी पंक्ति” के रूप में स्थापित किया गया।

समय के साथ इसका उद्देश्य विकसित होता गया। आज इसका व्यापक लक्ष्य युवाओं को समर्पित और अनुशासित नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करना है, जो राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक क्षेत्र में योगदान दे सकें।

यह आश्चर्य की बात नहीं है कि लगभग 20,000 कैडेटों के साथ विनम्र शुरुआत करने वाला NCC वर्ष 2025 में बढ़कर 17 लाख कैडेटों का संगठन बन चुका है और वर्ष 2028 तक इसके 20 लाख कैडेटों तक पहुँचने की संभावना है। इसके विस्तार और संख्या में यह निरंतर वृद्धि आधुनिक भारत के युवाओं को आकार देने में NCC की स्थायी प्रासंगिकता, व्यापक पहुँच और समकालीन उपयोगिता का प्रमाण है। 

कैडेट कौन हैं?

खाकी, नीली या सफेद वर्दी में स्मार्ट तरीके से मार्च करते और आत्मविश्वास के साथ व्यवहार करते हुए जो बच्चे आपको दिखाई देते हैं, वे ही कैडेट हैं।

कक्षा 8वीं और 9वीं के विद्यार्थी जूनियर डिवीजन में होते हैं, जबकि कॉलेज के स्नातक विद्यार्थी सीनियर डिवीजन में शामिल होते हैं।

निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप NCC में बालिकाओं का अनुपात अब 40 प्रतिशत से अधिक हो गया है और वर्ष 2028 तक समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।

स्कूल या कॉलेज के माध्यम से NCC में नामांकन के बाद कैडेटों को अपने समय के अलावा कोई धनराशि नहीं देनी पड़ती। उनका प्रशिक्षण, वर्दी, जलपान, भोजन, यात्रा आदि की व्यवस्था केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा की जाती है। 

वे पाँच गुण कौन-से हैं जिन्हें हम विकसित करते हैं?

जब कोई मुझसे पूछता है कि NCC क्या करता है, तो मैं पाठ्यक्रम को शब्दशः बताने या हमारी गतिविधियों पर लंबा भाषण देने के बजाय पाँच मूलभूत गुणों का उल्लेख करता हूँ, जिन्हें NCC युवा कैडेटों में विकसित करने का प्रयास करता है—ये सभी राष्ट्र निर्माण और व्यक्तिगत विकास को ध्यान में रखकर हैं।

अनुशासन सबसे पहले आता है—नियमों और निर्देशों का पालन करना, समय का प्रबंधन करना और तब भी अपने स्तर को बनाए रखना जब कोई आपको देख नहीं रहा हो। यही हमारे प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।

इसके बाद राष्ट्रीय एकीकरण आता है। हम जानबूझकर अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और आस्थाओं से आने वाले कैडेटों को एक साथ लाते हैं, ताकि ‘विविधता में एकता’ केवल एक विचार न रह जाए, बल्कि एक स्थायी विश्वास बन जाए।

सौहार्द और भाईचारा (Camaraderie) राष्ट्रीय एकीकरण से स्वाभाविक रूप से विकसित होता है। प्रशिक्षण और शिविरों के दौरान कैडेटों के बीच बनने वाले संबंध अक्सर स्कूल और कॉलेज की मित्रताओं से भी अधिक लंबे समय तक बने रहते हैं।

साहसिकता (Adventure)—ट्रेकिंग, नौकायन, पर्वतारोहण, ग्लाइडिंग, स्कूबा डाइविंग आदि के दौरान मिलने वाला रोमांच कैडेटों को जोखिम उठाने, कठिन परिस्थितियों में दृढ़ रहने और मानसिक मजबूती का अनुभव कराता है, जो सामान्य कक्षाएँ कभी नहीं दे सकतीं। 

और अंत में, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण, नेतृत्व (Leadership) है। शिविर की जिम्मेदारियों, टीमवर्क, समस्या-समाधान, छोटी-छोटी जिम्मेदारियों, मूल्यों और नैतिकता के विकास के माध्यम से नेतृत्व का गुण धीरे-धीरे विकसित होता है। यह NCC का शायद सबसे कम दिखाई देने वाला, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। कैडेट प्रशिक्षण के दौरान अपने साथियों की एक टुकड़ी का नेतृत्व करना सीखते हैं, उस समय से बहुत पहले जब उन्हें किसी बोर्डरूम या युद्धक्षेत्र में किसी टीम का नेतृत्व करने के लिए कहा जाएगा। 

NCC का एक और महत्वपूर्ण योगदान अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। NCC कैडेटों को व्यवस्थित तरीके से अनेक सॉफ्ट स्किल्स भी प्रदान करता है, जिनके लिए अधिकांश स्कूलों या कॉलेजों के पास न तो पर्याप्त समय होता है और न ही विशेष व्यवस्था।

टीमवर्क, दृढ़ता, निर्णय लेने की क्षमता, पारस्परिक संबंध, परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता और संचार कौशल—ये सभी उन गुणों से विकसित होते हैं जिन्हें NCC अपने कैडेटों में विकसित करता है। आज के युवाओं के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में इनका महत्व लगातार बढ़ रहा है। 

NCC के ये सभी प्रयास ‘एकता और अनुशासन’ की भावना के अंतर्गत आगे बढ़ते हैं—ये दो सरल लेकिन शक्तिशाली शब्द हैं जिन्हें हमने वर्ष 1980 में अपना आदर्श वाक्य बनाया था।

यह आदर्श वाक्य देखने में सरल है, लेकिन अत्यंत शक्तिशाली है। ‘एकता और अनुशासन’ राष्ट्र निर्माण की उस इमारत के मूल स्तंभ हैं। 

हम प्रशिक्षण कैसे देते हैं?

NCC के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कैडेटों को प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाता है।

इन गतिविधियों में फायरिंग, ड्रिल, बुनियादी सैन्य विषय, शारीरिक फिटनेस तथा वायु और नौसेना से संबंधित विशेष प्रशिक्षण एवं उपकरणों सहित सैन्य दक्षता प्रशिक्षण शामिल हैं। 

कैडेटों को विभिन्न आवासीय प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने का अवसर मिलता है, जहाँ वे अनुशासित जीवनशैली का अनुभव करते हैं, नेतृत्व के गुण विकसित करते हैं, टीमवर्क के महत्व को समझते हैं और राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को आत्मसात करते हैं।

कैडेट पैराशूटिंग, पैरा-सेलिंग, पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, नौकायन, स्कूबा डाइविंग आदि चुनौतीपूर्ण साहसिक गतिविधियों में भी भाग लेते हैं, जिससे मानसिक दृढ़ता और जोखिम उठाने की क्षमता विकसित होती है।

समाज के व्यापक हित में कैडेट नागरिक और सामुदायिक जिम्मेदारियों में भी औपचारिक रूप से भाग लेते हैं। वे सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अभियानों का सक्रिय नेतृत्व करते हैं।

उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देने और प्राकृतिक आपदा के दौरान तत्काल बुनियादी सहायता प्रदान करने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

बदलते समय और तेजी से विकसित होती तकनीक के साथ कदम मिलाने के लिए NCC कैडेटों को साइबर डिफेंस, ड्रोन संचालन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे समकालीन विषयों से भी परिचित कराने का प्रयास कर रहा है। 

राष्ट्र को इससे क्या लाभ होता है?

NCC केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। इसके योगदान को सीमित या मापा नहीं जा सकता।

NCC व्यक्ति के सर्वांगीण विकास और समाज के कल्याण के लगभग सभी पहलुओं को समाहित करता है और उनसे आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण के एक बड़े और महान उद्देश्य की दिशा में कार्य करता है।

इसे समझने के लिए यह समझना आवश्यक है कि एक कैडेट अपने परिवार, संस्थान और समाज का प्रतिनिधि होता है। इसलिए उसका प्रभाव क्षेत्र बहुत व्यापक होता है—वह अपने परिवार के कम-से-कम 5 सदस्यों, कक्षा के कम-से-कम 10 सहपाठियों और समाज के लगभग 50 लोगों को प्रभावित करता है।

वह जो सीखता और आत्मसात करता है, समाज के साथ उसके संपर्क में आने पर कई गुना बढ़ जाता है। अब कल्पना कीजिए कि पूरे भारत में फैले 20 लाख कैडेटों का इस व्यवस्था में कितना व्यापक प्रभाव हो सकता है।

जब अनुशासन, निःस्वार्थ सेवा, देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना समाज में गहराई तक पहुँचती है, तो यह ‘राष्ट्र निर्माण’ की दिशा में एक आंदोलन बन जाती है। यही NCC का मुख्य प्रयास है।

इसके साथ ही NCC अनुशासित, शारीरिक रूप से सक्षम और प्रेरित युवाओं का एक बड़ा तैयार रिजर्व भी तैयार करता है, जो किसी भी समय किसी कार्य, जिम्मेदारी या चुनौती के लिए आगे आने को तैयार रहते हैं—चाहे वह सैन्य अभियान हो, प्राकृतिक आपदा हो या पृष्ठभूमि में शांतिपूर्वक नागरिक एवं सामुदायिक गतिविधियाँ संचालित करना हो। 

एक बार कैडेट, हमेशा कैडेट?

एक कैडेट के व्यक्तिगत जीवन में NCC का लाभ अमूल्य है।

जो किशोर अपने जीवन के प्रारंभिक और निर्माणात्मक वर्षों में NCC से जुड़ता है, वह जीवनभर रहने वाला अनुशासन लेकर निकलता है; उसे ऐसा वास्तविक साहसिक अनुभव मिलता है जो अधिकांश बचपन में नहीं मिल पाता; वह नैतिक नेतृत्व का ऐसा पाठ सीखता है जो NCC छोड़ने के बहुत बाद तक बोर्डरूम, युद्धक्षेत्र या व्यक्तिगत जीवन में उपयोगी रहता है।

उसे सौहार्द और भाईचारे की भावना मिलती है और सबसे बढ़कर, राष्ट्र के प्रति प्रेम मिलता है।

एक कैडेट NCC से एक ऐसे नेता के रूप में निकलता है जो सशक्त, अनुशासित और अपने साथियों की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वासी होता है।

NCC में अर्जित योग्यताएँ रक्षा सेवाओं में करियर के लिए कुछ विशेष छूट या लाभ प्रदान कर सकती हैं तथा अन्य करियर विकल्पों में भी निर्णायक प्राथमिकता दिला सकती हैं। लेकिन NCC कैडेट होना अपने आप में सबसे बड़ा सम्मान का प्रतीक है।

कहा जाता है—“एक बार NCC कैडेट, हमेशा NCC कैडेट।”

इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि आज महत्वपूर्ण और उच्च पदों पर कार्यरत पूर्व NCC कैडेट व्यक्तिगत रूप से मेरे पास आए और उन्होंने NCC के प्रति अपना आभार व्यक्त किया—न केवल उनके व्यक्तिगत और पेशेवर गुणों को आकार देने के लिए, बल्कि जीवन में उनकी सफलता में योगदान देने के लिए भी। 

गुजरात के संदर्भ में

वर्ष 1960 में 1 Circle Cadet Corps, Bombay से अलग होकर अस्तित्व में आया NCC गुजरात, स्थापना के बाद से एक लंबा सफर तय कर चुका है।

वर्षों के दौरान यह एक विशाल युवा-शक्ति केंद्र के रूप में विकसित हुआ है, जिसमें 1,150 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों से 85,000 कैडेट जुड़े हुए हैं। इसमें गुजरात के सभी 37 जिलों तथा केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से प्रतिनिधित्व है।

बालिकाओं की संख्या लगभग 42 प्रतिशत तक पहुँचना तथा सुदूर सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों से कैडेटों का उत्साहपूर्ण नामांकन हाल के प्रमुख विकासों में शामिल हैं।

कैडेटों का प्रदर्शन शानदार रहा है और आँकड़े स्वयं इसकी पुष्टि करते हैं। पिछले तीन वर्षों में 35 कैडेटों का अधिकारियों के रूप में चयन हुआ है और 250 से अधिक कैडेट अग्निवीर के रूप में रक्षा बलों में शामिल हुए हैं। पिछले दो भर्ती चक्रों में लगभग 1,000 कैडेट गुजरात पुलिस में शामिल हुए हैं। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में कैडेटों को प्रतिष्ठित सार्वजनिक और निजी संगठनों में रोजगार के अवसर भी मिले हैं।

इसके अलावा, हमारे 24 कैडेटों ने युवा विनिमय कार्यक्रम (Youth Exchange Programme) के अंतर्गत UK, रूस, सिंगापुर, वियतनाम, किर्गिज गणराज्य, मॉरीशस, मालदीव आदि देशों में गुजरात का गर्व से प्रतिनिधित्व किया है।

कई अन्य कैडेटों को राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं, अभियानों और दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड तथा एकता नगर में एकता दिवस समारोह जैसे शिविरों में उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन और उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया है। 

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 7,500 से अधिक कैडेटों की तत्परता, युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत 3,000 कैडेटों की भागीदारी तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ और 5 Million Tree Mission, स्वच्छता अभियान, जिसमें साबरमती नदी की सफाई भी शामिल है, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, रक्तदान शिविर, डिजिटल धोखाधड़ी और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता आदि सामुदायिक कार्यक्रमों में उनकी निःस्वार्थ भागीदारी ने जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय सामाजिक पहलों के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 

हाल ही में हमने माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष एक ‘कार्य योजना (Action Plan)’ प्रस्तुत की है, ताकि NCC की विशाल क्षमता, बड़ी संख्या, व्यापक उपस्थिति तथा अनुशासन और नेतृत्व जैसे गुणों का उपयोग अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games 2030) की तैयारी और सफल आयोजन के लिए किया जा सके। 

समापन

अठहत्तर वर्ष पूरे होने के बाद भी NCC भारत के सबसे शांत लेकिन अत्यंत प्रभावशाली संस्थानों में से एक बना हुआ है—व्यापक पहुँच, बड़ी संख्या, विविध स्वरूप, राष्ट्रीय भावना और प्रभावी कार्यान्वयन वाला संगठन।

गुजरात का अपना अध्याय ऐतिहासिक दांडी के नमक तटों, भुज के सफेद रेगिस्तान से लेकर गांधीनगर के हाई-टेक साइबर कॉरिडोर तक गहराई से जुड़ा हुआ है।

जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, भारत के माता-पिता और युवाओं के लिए मेरा संदेश सरल है:

NCC में बिताया गया हर पल अनमोल है। इसमें कोई आर्थिक लागत नहीं है, लेकिन यह जीवनभर के ऐसे मूल्य प्रदान करता है जो आपके चरित्र को परिभाषित करते हैं और हमारे प्रिय राष्ट्र को और अधिक सशक्त बनाते हैं।

जय हिंद!

[लेखक NCC निदेशालय, गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के अपर महानिदेशक (Additional Director General) हैं।]

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