शिलचर, 27 अगस्त: नौकरी स्थायीकरण की मांग को लेकर एनआईटी शिलचर के अस्थायी कर्मचारियों ने एक बार फिर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। बुधवार, 27 अगस्त से छह कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनके समर्थन में एनआईटी वर्कर्स यूनियन के अन्य सदस्य भी आंदोलन स्थल पर धरने पर बैठे हैं।
जानकारी के अनुसार, इसी मांग को लेकर यूनियन के सदस्य गत 10 अगस्त से धरना दे रहे थे। आंदोलन के दौरान 13 अगस्त को बड़खला के विधायक किशोर नाथ ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर एनआईटी के डीन एवं निदेशक के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। उस समय 24 अगस्त तक समस्या का सकारात्मक समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन अस्थायी रूप से वापस ले लिया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई समाधान नहीं होने पर कर्मचारियों ने दोबारा अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया।
आंदोलनरत कर्मचारियों का आरोप है कि नौकरी स्थायीकरण के मुद्दे पर एनआईटी प्रबंधन लंबे समय से टालमटोल कर रहा है। उनका दावा है कि इस मामले में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के लगातार चार फैसले उनके पक्ष में आ चुके हैं, इसके बावजूद अदालत के आदेशों को अब तक लागू नहीं किया गया है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि 30 अगस्त तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों के परिवारों को भी आंदोलन में शामिल कर जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
एनआईटी वर्कर्स यूनियन ने स्पष्ट किया है कि अदालत के फैसले को लागू कर कर्मचारियों की नौकरी स्थायी किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।