सरकारी निर्देश पर कार्रवाई, प्रस्तावित पुलिस आउटपोस्ट के लिए सात बीघा जमीन चिन्हित; प्रशासन के साथ परिवारों ने किया सहयोग
गौतम सरकार | रामकृष्णनगर, 24 अगस्त:
असम सरकार के निर्देश पर सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के अभियान के तहत सोमवार को रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के भैरवनगर ग्राम पंचायत में सात परिवारों के मकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर जमीन खाली कराई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई इस कार्रवाई में पांच मुस्लिम और दो हिंदू परिवार शामिल हैं।
जिन परिवारों के मकानों को हटाया गया, उनमें चायनु बीबी, अब्दुल अहाद, असादुर रहमान, संजीत पाल, रकीब अली, निपेन पाल और सफिया बीबी शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार, यह जमीन रामकृष्णनगर थाने के अधीन प्रस्तावित भैरवनगर आउटपोस्ट के लिए निर्धारित की गई है। आउटपोस्ट के लिए कुल सात बीघा सरकारी जमीन मंजूर की गई है।
कार्रवाई को देखते हुए पुलिस ने सुबह से ही पूरे क्षेत्र को घेर लिया था। रामकृष्णनगर उपमंडल के सीडीएसपी अंशुल शर्मा और सर्किल ऑफिसर अंतरा पाल के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन के अनुसार, सातों परिवारों ने कार्रवाई में सहयोग किया और किसी प्रकार की अप्रिय घटना के बिना अभियान शांतिपूर्वक पूरा हो गया।
सर्किल ऑफिसर अंतरा पाल ने बताया कि सरकारी निर्देश के तहत भैरवनगर में सात परिवारों को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि रामकृष्णनगर थाने के अधीन भैरवनगर आउटपोस्ट के लिए सात बीघा जमीन मंजूर की गई है। निर्धारित क्षेत्र में जहां अतिक्रमण था, वहां कार्रवाई की गई। उन्होंने स्थानीय लोगों और ग्राम पंचायत की ओर से मिले सहयोग के लिए आभार जताया।
भैरवनगर मंडल भाजपा के महासचिव संजय चौधरी ने कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा और विधायक विजय मालाकार का आभार जताते हुए कहा कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की सरकार की नीति के तहत यह कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि आउटपोस्ट बनने के बाद क्षेत्र के आम लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
संजय चौधरी ने नागरिकों से सरकारी और खास जमीन पर अवैध कब्जा नहीं करने तथा प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बेदखली की कार्रवाई के दौरान प्रशासन का सहयोग करने वाले सातों परिवारों को भी धन्यवाद दिया। उनके अनुसार, सर्किल कार्यालय से नोटिस मिलने के बाद परिवारों ने स्वयं अपना सामान हटाकर जगह खाली कर दी थी।
भैरवनगर जीपी अध्यक्ष पिंटू दे ने बताया कि जीपी के पार्ट-4 क्षेत्र में सात परिवारों को हटाया गया है। यह जमीन भैरवनगर आउटपोस्ट के लिए निर्धारित की गई थी। उन्होंने दावा किया कि संबंधित परिवार कई वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि भैरवनगर जीपी क्षेत्र में अन्य सरकारी जमीनों पर भी अतिक्रमण है और आने वाले दिनों में वहां भी प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद प्रस्तावित भैरवनगर पुलिस आउटपोस्ट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।