डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय प्रगति संवाद का शुभारंभ

डिब्रूगढ़: डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के रंगघर सभागार में राष्ट्रीय प्रगति संवाद का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। संवाद के तहत ‘ब्रिक्स पर राष्ट्रीय युवा वक्तव्य’ विषय पर युवाओं के विचारों और सहभागिता को मंच प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. जितेन हजारिका और कुलसचिव परमानंद सोनवाल उपस्थित रहे। नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित एवं एसिड अटैक सर्वाइवर प्रज्ञा प्रसून ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की।

प्रज्ञा प्रसून ने एसिड हमलों के मुद्दे पर प्रभावशाली संबोधन दिया और अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने एसिड हमलों के कारणों एवं उनके गंभीर परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे हमलों से पीड़ित लोगों को शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ गहरे मानसिक आघात का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आत्मविश्वास दोबारा हासिल करने और जीवन में आगे बढ़ने के महत्व पर भी जोर दिया।

प्रज्ञा प्रसून अतिजीवन फाउंडेशन की संस्थापक हैं, जो देशभर में एसिड अटैक से प्रभावित महिला सर्वाइवर्स के लिए कार्य करता है।

उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी समां बांधा। डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के विद्यार्थी आयुष दत्ता ने सत्रिया नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, डॉ. भूपेन हजारिका प्रदर्शन कला विभाग के विद्यार्थियों ने ‘नाक’ शीर्षक से व्यंग्य नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें असम की राजनीतिक परिस्थितियों के विभिन्न पहलुओं को व्यंग्यात्मक ढंग से दर्शाया गया। नाटक को दर्शकों से सराहना मिली।

इसके अलावा अजमल फाउंडेशन के विद्यार्थियों ने बहुआयामी नृत्य प्रस्तुति दी, जिसके बाद सामूहिक गीत प्रस्तुत किया गया।

राष्ट्रीय प्रगति संवाद का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करने, उनके विचारों को मंच प्रदान करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम को विद्यार्थियों और अतिथियों की ओर से उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया मिली।

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