शिलचर: कछार कॉलेज के संस्कृत विभाग एवं नई दिल्ली स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कॉलेज के संस्कृत अध्ययन केंद्र (Centre for Sanskrit Learning) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय संस्कृत भाषा कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। कार्यशाला का आयोजन 10 से 20 अगस्त 2026 तक किया गया, जिसमें 58 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिदिन शाम 4 से 5 बजे तक कॉलेज के कमरा संख्या 209 में कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कॉलेज के उप-प्राचार्य शम्सुद्दीन, लाइब्रेरियन डॉ. दीपशिखा सेन, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. नयना गोस्वामी, संस्कृत भाषा की अध्यापिका एवं संस्कृतभारती, दक्षिण असम प्रांत की सहमंत्री कृष्णा सिन्हा तथा संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापिका एवं संस्कृतभारती, दक्षिण कछार जिला की सहमंत्री अरिजिता सिंह उपस्थित रहीं। इसके अलावा संस्कृतभारती के प्रांत संबंध प्रमुख एवं मध्य कछार जिला मंत्री, जनकल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक डॉ. बुद्धदेव पुरकायस्थ तथा दक्षिण त्रिपुरा के प्रांत मंत्री विक्रम विश्वास अतिथि के रूप में उपस्थित थे। दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
समापन समारोह में कछार कॉलेज के प्राणी विज्ञान (Zoology) विभाग की शिक्षिका डॉ. नितु देवनाथ, रसायन विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीप्यमान महंत, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. नयना गोस्वामी, वर्ग शिक्षिका कृष्णा सिन्हा, वर्ग सह-शिक्षिका अरिजिता सिंह एवं डॉ. बुद्धदेव पुरकायस्थ, संस्कृतभारती के प्रांत न्यास संपादक कृष्णज्योति तथा विभागीय अतिथि शिक्षक विमान राय उपस्थित रहे।
समारोह में वक्ताओं ने संस्कृत भाषा की आवश्यकता, उपयोगिता एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा सीखने के अपने अनुभव साझा किए। डॉ. नयना गोस्वामी ने स्वागत भाषण दिया, जबकि अरिजिता सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में शांतिमंत्र के पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।