अरुणाचल के विकास में अंतरिक्ष तकनीक के व्यापक उपयोग पर जोर

नामसाई: अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चाउना मेन ने राज्य में विकास योजनाओं, आपदा प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण और सुशासन को मजबूत करने के लिए अंतरिक्ष आधारित तकनीकों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया है।

नामसाई में आयोजित राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस २०२६ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मेन ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब केवल अंतरिक्ष अन्वेषण तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण और जनसेवाओं में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम का आयोजन अरुणाचल प्रदेश अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र और पूर्वोत्तर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र ने संयुक्त रूप से किया।

उन्होंने कहा कि उपग्रह तकनीक, दूरसंवेदी तकनीक और भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग आपदा प्रबंधन, कृषि, संसाधन मानचित्रण, बुनियादी ढांचे की योजना और पर्यावरण निगरानी जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।

मेन ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र और दुर्गम पहाड़ी भूभाग वाले राज्य के लिए अंतरिक्ष तकनीक का महत्व और भी बढ़ जाता है। राज्य भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है। ऐसे में आधुनिक अंतरिक्ष आधारित तकनीक आपदा की पूर्व तैयारी और प्रभावी प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उपमुख्यमंत्री ने युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने छात्रों की भागीदारी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों के साथ उनकी बातचीत की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में करियर के प्रति रुचि पैदा करने में सहायक होंगे।

उन्होंने अरुणाचल प्रदेश अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र और पूर्वोत्तर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र में अंतरिक्ष तकनीक के लाभ पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की और समावेशी एवं टिकाऊ विकास के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन तथा अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया।

बाद में चाउना मेन ने नामसाई में प्रस्तावित अत्याधुनिक विज्ञान केंद्र एवं दस मीटर गुंबद डिजिटल तारामंडल के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। यह परियोजना संस्कृति मंत्रालय की विज्ञान संस्कृति संवर्धन योजना के तहत विकसित की जा रही है, जबकि इसका क्रियान्वयन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान मेन ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित एजेंसी को गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मार्च २०२८ की निर्धारित समयसीमा से पहले परियोजना पूरी करने के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा।

मेन ने कहा कि विज्ञान केंद्र और तारामंडल राज्य के वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे। यहां छात्र और आम लोग आधुनिक एवं संवादात्मक माध्यमों से विज्ञान, खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

उन्होंने परियोजना को अरुणाचल प्रदेश के भविष्य में निवेश बताते हुए कहा कि ऐसी सुविधाएं युवाओं में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों के साथ संवाद, भारत के अंतरिक्ष अभियानों और अंतरिक्ष तकनीक के सामाजिक उपयोग पर प्रस्तुतियां, प्रदर्शनी, श्रव्य-दृश्य प्रस्तुतियां तथा छात्रों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई।

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